सेंट्रल हास्पिटल में डॉक्टरों से मारपीट के आरोपी ब्लाक प्रमुख भोला भट्ट ने समर्थकों के साथ सीओ राजेंद्र सिंह ह्यांकी का घेराव किया। आरोप लगाया कि पुलिस ने हास्पिटल प्रबंधन के दबाव में झूठा मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में हास्पिटल प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर सभी क्षेत्र प्रतिनिधि तीन दिन बाद आंदोलन करेंगे।
ब्लाक प्रमुख भोला भट्ट अपने समर्थकों के साथ शुक्रवार की दोपहर कोतवाली पहुंचे। समर्थक सेंट्रल हास्पिटल के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। इसमें कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी भी थे। नारेबाजी की आवाज सुनते ही सीओ राजेंद्र सिंह ह्यांकी अपने कार्यालय से उठकर कोतवाली आए। यहां ब्लाक प्रमुख और कनिष्ठ प्रमुख ने सीओ को ज्ञापन दिया।
उन्होंने बताया कि वे रतन सिंह डोगरा की मौत होने पर सहानुभूति जताने हास्पिटल गए थे। आरोप लगाया कि गलत तथ्यों पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। इसके पहले उमेश नैनवाल की माता की मौत, कुंदन सिंह नेगी की माता की मौत और भगवती बिष्ट के इलाज में कोताही अस्पताल प्रशासन द्वारा बरती गई है। इस मामले में अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर तीन दिन बाद जनप्रतिनिधि आंदोलन करेंगे।
सीओ ने इस मामले में जांच कर कार्रवाई करने का भरोसा दिया तो जनप्रतिनिधि वापस लौट गए। देर शाम ब्लाक प्रमुख समेत अन्य लोग जिलाधिकारी से मिले और कहा कि सेंट्रल हास्पिटल मौत का अड्डा बन चुका है, इसकी जांच होनी चाहिए।
हास्पिटल में बाउंसर रखे गए हैं। इलाज के नाम पर हास्पिटल में लूट खसोट होती है। 50 हजार का स्टंट आनन-फानन में डालकर ढाई लाख रुपये लिए जाते हैं। मामले की लिखित शिकायत करने पर जिलाधिकारी दीपक रावत ने जांच का आश्वासन दिया।