अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के मौके पर सरोवर नगरी में विमर्श संस्था की ओर से मल्लीताल और तल्लीताल में गोष्ठियां आयोजित की गई। इस मौके पर विमर्श से जुड़े लोगों ने महिलाओं के मानवाधिकारों के हनन तथा समाज में महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा के विरोध में मल्लीताल पंत पार्क से तल्लीताल स्थित गांधी चौक तक मानव श्रंखला बनाई।
मल्लीताल में हुई गोष्ठी के दौरान विमर्श की ओर से 16 दिवसीय अभियान के तहत की गई गतिविधियों की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि जब तक जैंडर समानता और महिलाओं की समान भागीदारी सुनिश्चित नहीं होती तब तक विमर्श का यह अभियान जारी रहेगा।
कार्यक्रम में खुर्पाताल और ज्योलीकोट न्याय पंचायत की महिला संगठनों से जुड़ी महिलाओं तथा किशोरी संगठनों की किशोरियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था प्रमुख कंचन भंडारी, कविता, गायत्री, मोहिनी, नीमा, रेनू, भावना, प्रेमा, हरीश, सुरेंद्र तथा माया नेगी आदि ने सहयोग किया।
विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने भीमताल में कहा है कि मानवाधिकारों की
सुरक्षा के बगैर सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक आजादी की बात करना पूरी तरह
से बेमानी है। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों की सुरक्षा के लिए सभी को
मिलकर संघर्ष करने की जरूरत है।
कुंजवाल गुरुवार को यहां भारत तिब्बत
मैत्री संघ की नैनीताल जिला इकाई और उत्तराखंड एवं भारत तिब्बत समन्वय
केंद्र नई दिल्ली के तत्वावधान में एक बैंक्वेट हाल में आयोजित तिब्बत में
मानवाधिकार हनन: हिमालयी पर्यावरण एवं भारत की सुरक्षा विषयक चिंतन गोष्ठी
को संबोधित कर रहे थे।
कुंजवाल ने दुनिया भर में मानवाधिकारों के बढ़ते हनन
पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दुनिया के सभी देशों को
मानवाधिकारों की सुरक्षा के लिए मिल बैठकर हल खोजना होगा। विधानसभा अध्यक्ष
कुंजवाल ने चीन की ओर से तिब्बतियों के साथ किए जा रहे अत्याचारों को पूरी
तरह से गलत बताया। उन्होंने कहा कि तिब्बतियों के साथ हो रहे अत्याचार बंद
होने चाहिए।
पद्मश्री यशोधर मठपाल ने तिब्बत में बढ़ते मानवाधिकार हनन
पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए तिब्बतियों के साथ न्याय किए जाने पर जोर
दिया। देहरादून से आए तिब्बती कल्याण अधिकारी जमपाथुंतोक ने तिब्बतियों के
हित के लिए किए जा रहे कार्यों के बारे में बताया। गोष्ठी में एडवोकेट नवीन
पनेरू, पुष्कर मेहरा, तारादत्त पांडे, समन्वयक सुरेंद्र कुमार, नवीन
आर्या, भुवन आर्या समेत कई लोग मौजूद थे।
इधर, एसओएस जेएन कौल शिक्षण
संस्थान में आयोजित गोष्ठी में प्राचार्या डा. रंजना रुहेला ने लोकतंत्र
में मानवाधिकारों की रक्षा को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि हम सभी को
मानवाधिकारों के प्रति जागरूक होकर अपने कर्त्यवों का ईमानदारी से निर्वहन
कहना होगा। इस मौके पर प्रवक्ता अजय यादव, पुनीत बिष्ट, बुसरा कमाल,
प्रियंका, बबीता, आशा, पुष्पा, प्रभा, विनीता, ईला और कविता ने भी विचार
व्यक्त किए।