गुरुवार को वित्तमंत्री इंदिरा हृदयेश ने ग्राम छोई में नवनिर्मित वाणिज्य कर विभाग कार्यालय का लोकार्पण करने के बाद ढिकुली स्थित एक रिजार्ट में उत्तराखंड वाणिज्य सेवा संघ का द्वितीय अधिवेशन का शुभारंभ किया। अधिवेशन में हृदयेश ने कहा कि प्रदेश के अस्तित्व में आने के बाद से कर वसूली बढ़ाई गयी है।
कर वसूली बढ़ाए जाने को सामान्य बताते हुए कहा कि अभी बहुत सुधार की गुंजाइश है। उन्होंने कहा बड़े करदाता कर देने से बचने के लिए अधिक समय लगा देते हैं और कर देने से बच निकलते हैं। इस ओर विभाग को खास ध्यान देने की जरूरत है।
वाणिज्य कर सेवा संघ की ओर से 13 सूत्रीय मांग पत्र भी कैबिनेट मंत्री को सौंपा गया। उन्होंने कहा कि वाणिज्य विभाग से राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। रोजाना वसूलने वाले कर से नौकरशाहों के वेतन के अलावा कई अन्य खर्चे भी निकाले जाते हैं। केंद्र की मोदी सरकार राज्य के वैट टैक्स पर कुंडली मारकर बैठी हुई है।
संघ ने ज्ञापन में कहा है कि वेतन विसंगति, प्रमोशन व अन्य मांगें कई वर्षों से लंबित हैं। उनका निस्तारण न होने से कर्मचारी खासी परेशानी का सामना कर रहे हैं। वित्तमंत्री ने आश्वस्त किया कि वह देहरादून में होने वाली बैठक में मांगों को पुरजोर तरीके से उठाएंगी। हर संभव उनके निदान पर विचार भी किया जाएगा।
आल इंडिया कामर्शियल टैक्स एसोसियेशन के अध्यक्ष केआर सूर्य नारायण राव ने भी जीएसटी में छोटे राज्यों को हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाया। इस दौरान उत्तराखंड आयुक्त कर दिलीप जावलकर ने भी विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विपिन चंद्र एवं संचालन श्याम सुंदर तिरूवा, शिवानी त्रिपाठी ने किया।
इस मौके पर सेवा संघ के संरक्षक यूएस बिष्ट, महासचिव सुनीता पांडे, वरिष्ठ उपाध्यक्ष धर्मवीर सैनी, कनिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल कुमार, संयुक्त सचिव दिनेश कुमार मिश्रा, हेमा पंचोली, जिशान मलिक, नितिन विश्वकर्मा, ऑडिटर मदन अग्रवाल, कोषाध्यक्ष केएन नेगी के साथ ही एडिशनल कमिश्नर काशीपुर जोन एनसी शर्मा, रुद्रपुर जोन आईएस बिजवाल, निखिलेश श्रीवास्तव, विनय प्रकाश ओझा के अलावा प्रदेश भर के डिप्टी कमिश्नर, असिस्टेंट कमिश्नर, वाणिज्य कर अधिकारी मौजूद रहे।