उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग ने काठगोदाम इंटर कालेज में बच्चों को कंकड़ों और धूल पर बैठाकर प्रीबोर्ड परीक्षा लिए जाने के मामले को गंभीरता से लिया है। आयोग ने आरटीआई कार्यकर्ता गुरविंदर सिंह चड्डा की शिकायत पर वाद दायर कर शिक्षा विभाग के डीईओ और नगर निगम के मुख्य नगर अधिकारी को नोटिस जारी किया है। दोनों अधिकारियों को दो मार्च को रामनगर में आयोग के समक्ष पेश होने के आदेश दिए गए हैं।
मालूम हो कि इंटर कालेजों में प्रीबोर्ड परीक्षाएं शुरू होने पर पिछले माह 16 जनवरी को नगर निगम के काठगोदाम इंटर कालेज में बच्चों को फील्ड में कंकड़ों पर बैठकर परीक्षा देनी पड़ी थी। इस समाचार को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। नगर निगम द्वारा संचालित काठगोदाम इंटर कालेज के प्रभारी प्रधानाचार्य ने बच्चों को फर्नीचर और दरी तक मुहैया न होने के बारे में बयान दिया था कि विद्यालय ने कल्याण कोष से दो लाख रुपए से फर्नीचर आदि खरीदने की स्वीकृति मांगी थी, लेकिन कई साल बीतने के बाद भी शिक्षा विभाग के सीईओ के कार्यालय से मंजूरी नहीं मिली। इस मामले को सीईओ आरएल आर्या ने खुद देखने की बात कही थी।
इधर, आरटीआई कार्यकर्ता गुरविंदर सिंह चड्डा ने जमीन पर कंकड़ पर बैठकर परीक्षा देते बच्चों से संबंधित समाचार को आधार बनाकर इस संबंध में उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग में शिकायत की थी, जिस पर आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए इस पर वाद दायर कर लिया है। आयोग के चेयरपर्सन विजेंदर जैन, सदस्य जस्टिस राजेश टंडन, सदस्य डा. हेमलता ढौंडियाल की ओर से डीईओ और एमएनए को नोटिस जारी किया गया है।