मुख्यमंत्री के छापे के बाद बुधवार को वित्त मंत्री डा.इंदिरा हृदयेश के छापे में भी एसटीएच में खामियां मिलीं। एसटीएच और मेडिकल कालेज की चौपट व्यवस्था के लिए डा. हृदयेश ने प्रशासनिक अव्यवस्था और अकुशल प्रबंधन को बड़ी वजह बताया। दो घंटे तक एसटीएच में की छापेमारी के दौरान कहा कि अस्पताल केजीएमसी लखनऊ और एम्स जैसे अस्पतालों का दर्जा हासिल नहीं कर पाया है। कुमाऊं के सबसे पहले मेडिकल कालेज होने पर गर्व नहीं दुख होता है। अस्पताल की कार्यशैली ने मरीजों का भरोसा तोड़ दिया है।
वित्त मंत्री डा. हृदयेश सीधे कैज्युल्टी में पहुंची, जहां कैज्युल्टी मेडिकल अफसर नदारद थे। उन्होंने फार्मेसी में दवाओं का स्टाक देखा और मरीजों को दी गई दवाओं का रजिस्टर से मिलान किया। महिला सर्जरी वार्ड में उन्होंने मरीजों से कुशलक्षेम पूछी और बीपीएल के मरीजों को दवा एवं इलाज फ्री करने के बारे में जानकारी ली। उन्होंने जच्चा-बच्चा वार्ड, बाल रोग वार्ड, औषधि वितरण केंद्र, औषधि भंडारण केंद्र, बिलिंग काउंटर, फार्मेसी और अकाउंट विभाग का भी निरीक्षण किया।
उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक एमके पांडेय को तीन दिन में (21 फरवरी) दवाओं, उपकरण और अन्य जरूरत का विवरण देने के आदेश दिए। डा. हृदयेश ने कहा कि सुशीला तिवारी अस्पताल और मेडिकल कालेज पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने बनाया था, मगर अस्पताल मरीजों को सुविधाएं देने पर खरा नहीं उतरा। उन्होंने कहा कि यूजर चार्जेज के 22 करोड़ रुपए से अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधारी जाएंगी।
सेवाभाव और दृढ़ इच्छाशक्ति वाले को दी जाएगी कमान
मेेडिकल कालेज की कमान सेवाभाव और दृढ़ इच्छाशक्ति वाले व्यक्ति को सौंपी जाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि प्राचार्य डा. आरसी पुरोहित को समस्याएं बताने और संसाधनों की कमी जानने के लिए तीन बार बुलाया, मगर वे नहीं आए। सरकार ने मुखिया बदलने का मन बना लिया है और यह काम हर हाल में किया जाएगा।
बेस में डंप पड़ी ईको मशीन एसटीएच में लगेगी
वित्त मंत्री ने कहा कि करोड़ों की ईको मशीन बेस अस्पताल में डंप पड़ी है, जिसे एसटीएच को हस्तांतरित कराई जाएगी। अस्पताल के लिए नई अल्ट्रासाउंड मशीनों की जरूरत है, प्रस्ताव मिलने के बाद शीघ्र धनराशि मशीन खरीद के लिए स्वीकृत कर दी जाएगी।
सभी को बायोमैट्रिक्स पर लगानी होगी हाजिरी
स्टाफ और डाक्टरों के नदारद मिलने पर वित्त मंत्री ने कहा कि सभी को बायोमैट्रिक्स मशीन पर हाजिरी लगानी होगी। उन्होंने मैन्युअल (रजिस्टर) पर उपस्थिति दर्ज करने पर कड़ी नाराजगी जताई। रजिस्टर की जब सिटी मजिस्ट्रेट आरडी पालीवाल और एसडीएम पंकज उपाध्याय ने जांच की तो पता चला कि कई लोगों ने हस्ताक्षर नहीं किए थे। पुरानी तिथि के कालम खाली थे। पुरानी तिथि में अनुपस्थिति रहने संबंधी कोई प्रार्थना पत्र भी अस्पताल प्रशासन नहीं दिखा सका। बायोमैट्रिक्स हाजिरी का प्रिंट लाने में प्रबंधन को एक घंटे का समय लग गया।
कमीशन के खेल में खरीदी जा रही है जल्द एक्सपायर होने वाली दवाएं
औषधि भंडारण केंद्र का निरीक्षण करने के दौरान मोनिट-30 एसआर दवा जून 2015 में एक्सपायर हो जाएगी। इंटास कंपनी से खरीदी गई यह दवा जुलाई 2012 में बनी है और खरीद 2014 में की गई। एक पत्ते में 15 गोलियां है और कीमत 60.09 पैसे है। इस दवा का इस्तेमाल हृदय रोगियों के लिए होता है। जल्द एक्सपायर होने वाली दवा की खरीद करने पर दवा कंपनियां अच्छा कमीशन देती हैं। वित्त मंत्री ने इस पर नाराजगी जताई।
एक घंटे बाद पहुंचे प्रभारी प्राचार्य
मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. आरसी पुरोहित किसी बैठक के लिए दिल्ली में थे। वित्त मंत्री ने प्रभारी प्राचार्य डा. डीएन सिन्हा को बुलाने के निर्देश दिए, लगभग डेढ़ घंटे बाद वह पहुंचे और देर से आने पर सफाई दी। वित्त मंत्री ने उनकी बात को अनसुना करते हुए व्यवस्थाएं सुधारने का निर्देश दिया।
अंतिम समय में बदल दिया कार्यक्रम
वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश बेस अस्पताल और महिला अस्पताल में छापा मारने के लिए निकली थीं। उनके छापे की भनक दोनों अस्पतालों तक पहुंच गई थी, दोनों अस्पतालों में व्यवस्था चाक-चौबंद कर ली गई थी। वित्त मंत्री ने महिला अस्पताल के पास पहुंचकर गाड़ी एसटीएच की ओर मुड़वा दी।