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कितने शिकारी जेल से बाहर, मांगी रिपोर्ट

Thu, 17 Mar 2016 01:30 AM IST
ब्यूरो/ हल्द्वानी
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बैठक - फोटो : अमर उजाला
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 पांच बाघों के शिकार के बाद से वन विभाग में खलबली मची हुई है। घटना के बाद से ही कुमाऊं में अलर्ट जारी कर दिया गया है। मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं डा. राजेंद्र सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में तिकोनिया परिसर में हुई बैठक में तस्कर और शिकारियों के बारे में सूचना मांगी गई।

सीसीएफ कुमाऊं ने अधिकारियों से कितने शिकारी जेल से बाहर हैं, कितने की जमानत हुई है? जो केस चल रहे हैं, उनका वर्तमान में स्टेटस क्या है। शिकारियों के साथी कौन-कौन हैं और सहयोगियों का मूवमेंट कहां पर है, इसकी डिटेल देने को कहा गया है।
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बैठक में यह बात भी सामने आई कि शिकारियों और तस्करों की सूचना प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय स्तर तक ही सीमित है, दूसरे प्रभागों के अधिकारियों को इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। जबकि शिकारी, तस्कर हर जगह घटनाओं को अंजाम देते हैं। ऐसे मे तत्काल एक-दूसरे इलाके की सूचनाओं को आपस में शेयर करना और एकीकृत डाटा बैंक बनाने को कहा गया है। जिससे समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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संसाधनों, तकनीक के बारे में भी सूचना मांगी गई। अधिकारियों ने बताया कि तस्कर टाटा सफारी जैसे वाहनों का इस्तेमाल तस्करी में कर रहे हैं। सीसीएफ डा. बिष्ट ने जंगलों में झालों में रहने वाले लोगों के संपर्क में रहकर उनसे इलाके में आने-जाने वाले लोगों की पूरी जानकारी रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए। साथ ही, त्योहार को देखते हुए अभी से पेट्रोलिंग गश्त भेजने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में वन संरक्षक सुरेंद्र मेहरा, डीएफओ सनातन, डा. चंद्रशेखर सनवाल आदि अधिकारी  मौजूद थे।
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