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प्रदेश अध्यक्ष के कपड़े फटे

Thu, 17 Mar 2016 01:18 AM IST
ब्यूरो/ रामनगर
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अपराध - फोटो : अमर उजाला
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विभिन्न मांगों को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन को पुलिस ने बल प्रयोग कर समाप्त करने की कोशिश की। पुलिस और वनकर्मियों की बीच हुई धक्कामुक्की में वन बीट अधिकारी संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र प्रसाद पांडे के कपड़े फट गए। इससे कर्मचारी और भी ज्यादा आक्रोशित हो गए। नाराज वन कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को खत्म होने वाले आंदोलन को और तेज करने का एलान किया है। साथ ही सीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम पारितोष वर्मा को सौंपकर संबंधित अधिकारियों पर तीन दिन के भीतर कार्यवाही की मांग की है। 
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बुधवार सुबह पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार वन कर्मचारी दूसरे दिन भी बिजरानी गेट पर तालाबंदी कर प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान सीओ स्वतंत्र कुमार सिंह, कोतवाल कैलाश पंवार, एसडीएम परितोष वर्मा पुलिस बल के साथ यहां पहुंच गए। सीओ ने मौके पर पहुंचते ही गेट पर लगा बैनर फाड़ दिया।

उन्होंने गेट खुलवाकर पर्यटक वाहनों को जबरन बिजरानी जोन में प्रवेश कराया। इस बीच कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों में तीखी झड़प हो गई। हालांकि गेट के भीतर गई कुछ जिप्सियां कुछ समय बाद ही बाहर आ गईं। उसके बाद पूरे दिनभर गेट खुला रहा। बावजूद किसी भी जिप्सी चालक ने पार्क के अंदर प्रवेश नहीं किया। 
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पदाधिकारियों ने निर्णय लिया कि जब तक पार्क निदेशक, उपनिदेशक, सीओ, पार्क वार्डन, एसडीओ बिजरानी, तहसीलदार का निलंबन या स्थानांतरण नहीं किया जाता, समस्त फील्ड अधिकारी, कर्मचारी संघ, कार्बेट पार्क के समस्त अधिकारी पर्यटक गतिविधियों में भाग नहीं लेंगे। आगे से आमडंडा गेट पर प्रदर्शन जारी रहेगा। कर्मचारी शिक्षक महासंघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष नवेंदु मठपाल ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

प्रदर्शनकारियों में राम सिंह बिष्ट, शेखर चंद्र तिवारी, संजय पांडे, राजेंद्र सिंह चकरायत, धर्मपाल सिंह नेगी, दिनेश मठपाल, राकेश रत्नाकर, इंद्रमोहन कोठारी, गणेश दत्त जोशी, विजय अधिकारी, तारा दत्त चौबे, बृजमोहन सिंह रावत, हंसा पांगती, ललित आर्या, आनंद रावत आदि थे। 

उपनिदेशक को बनाया बंधक 
वनकर्मियों और पुलिस के बीच हुई झड़प के दो घंटे बाद उपनिदेशक डॉ. साकेत बडोला बिजरानी गेट पहुंचे तो कुछ वनकर्मियों से उनकी तीखी नोकझोंक हुई। उपनिदेशक ने कर्मचारियों को बुकिंग कक्ष में वार्ता के लिए बुलाया, लेकिन कर्मचारी नहीं गए। उन्होंने बडोला को कमरे में ही करीब डेढ़ घंटे तक बंधक बनाए रखा। इसके बाद उन्होंने इस घटना की पूरी जानकारी का एक ज्ञापन वनमंत्री और मुख्यमंत्री को भी भेजा।  

वन विभाग के इतिहास में पहली घटना 
सहायक वन कर्मचारी संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष शेखर तिवारी ने बताया कि वन विभाग के इतिहास में यह पहली घटना हुई है, जब विभागीय अधिकारी खुद मौके पर आकर पुलिस प्रशासन को शह देकर पिटवा रहे थे। इस घटना से फील्ड कर्मचारियों का अधिकारियों के प्रति भी विश्वास कम हुआ है। इस घटना की कर्मचारी घोर निंदा करते हैं। 

कर्मचारियों की मांगें
वन दरोगा पद को उपराजिक के रूप पर पद सहित संविलीनिकरण करने, जोखिम, पौष्टिक आहार भत्ता देने, पंचम वेतन आयोग की सिफारिश का लाभ  वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों को भी अनुमन्य कराने, अधीनस्थ वन सेवा  नियमावली 2011 का प्रख्यापन करने, वन विभाग के वन आरक्षी, वन दरोगा, उपराजिक एवं वन क्षेत्राधिकारी के पद धारकों की वेतन विसंगति को दूर करने, वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों के लिये छटे वेतन आयोग की संस्तुति 2006 से लागू करने आदि की मांग है।  

भाजपा ने की निंदा
रामनगर। वन बीट अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेेंद्र प्रसाद पांडे के कपड़े फाड़ने और कर्मचारियों से अभद्रता करने की भाजपा ने कड़ी निंदा की है। वरिष्ठ नेता हरीश पंत ने आरोपियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा यदि वनकर्मियों की मांग पूरी नहीं हुई तो भाजपा भी उनके साथ आंदोलन करेगी। 
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