सरोवर नगरी का 174वां जन्म दिन बुधवार को यहां धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर नगर के विभिन्न विद्यालयों, सामाजिक संगठनों, सरकारी दफ्तरों और आम लोगों की ओर से बनवाए गए 32 केक काटे गए। नैनीताल के अस्तित्व को बचाए रखने के साथ-साथ सुख, शांति और समृद्धि के लिए सर्वधर्म प्रार्थना सभा हुई।
कैंट क्षेत्र स्थित राष्ट्रीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान परिसर में जन्मोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुख्य वन संरक्षक कपिल जोशी ने कहा कि नैनीताल की खूबसूरती के लिए उनके जेहन में कोई शब्द नहीं है। उन्होंने वर्ष 1970 के दशक का किस्सा सुनाते हुए कहा कि एक समय था जब नैनीताल आना ही अपने आप में लोगों के लिए गौरव की बात होती थी।
जोशी ने कहा कि इतिहास ही हमें संस्कारों की याद दिलाता है और संस्कार से कर्म, कर्म से आदतें और आदतों से व्यक्तित्व बनता है। विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष सुमित्रा प्रसाद ने लोगों का आह्वान किया कि नैनीताल की सुंदरता को बचाए रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति कोई न कोई ऐसा काम करे जिससे उस व्यक्ति को हमेशा ही पहचाना जाए।
उन्होंने उम्मीद जताई कि नैनीताल की ही सुंदरता सदियों तक यूं ही बनी रहेगी। इतिहासकार प्रो. अजय रावत ने कहा कि पी बैरन के आने से पहले ही लोग यहां नंगे पैर बतौर तीर्थ यात्री आते थे और इस सरोवर में स्नान तक पुण्य कमाते थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 1823 में तत्कालीन कमिश्नर ट्रेल ने जब 80 साला बंदोबस्त लागू किया तब उन्होंने नैनीताल को देखा, जबकि पी बैनर वर्ष 1841 में पहली बार नैनीताल आए।
प्रो. रावत ने कहा कि पी बैनर ने अपनी किताब में स्वयं इस बात का उल्लेख किया है कि ट्रेल ही सबसे पहले नैनीताल पहुंचे थे। समारोह को भीमताल की ब्लाक प्रमुख गीता बिष्ट ने भी संबोधित किया। इससे पूर्व सरोवर नगरी की सुरक्षा के लिए पंडित केसी सुयाल ने हवन यज्ञ कराया।
हवन यज्ञ के मुख्य यजमान संस्थान के चंदन सिंह अधिकारी और ममता अधिकारी थी। तत्पश्चात मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि व अन्य अतिथियों ने बारी-बारी से अलग अलग केक काटकर हैप्पी बर्थडे टू यू गीत गाया और एक दूसरे को केक खिलाकर नैनीताल के जन्म दिन की शुभकामनाएं दी।
इस मौके पर विभिन्न सरकारी स्कूलों के 70 निर्धन बच्चों को लेखन सामग्री वितरित की गई। रामगढ़ से आए एक बच्चे ईश्वर ने मैय्या तुझे मिलने का सत्संग का बहाना है-ये दुनिया वाले क्या जाने मेरा रिश्ता पुराना है भजन सुनाकर वाहवाही लूटी। आयोजकों की ओर से ईश्वर को भी पुरस्कृत किया गया। वक्ताओं ने कार्यक्रम के मुख्य आयोजक दीपक बिष्ट समेत कंवल मलिक, बिट्टू मेहरा और संतोष कुमार के प्रयासों की प्रशंसा की।
संचालन हेमंत बिष्ट ने किया। इस मौके पर सरस्वती खेतवाल, नामित सभासद जेके शर्मा, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता किशन लाल साह कोनी, तुलसी बिष्ट, हेमा भाकुनी, कमला बिष्ट समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। अंत में मुख्य आयोजक दीपक बिष्ट और ममता अधिकारी ने सभी का आभार जताया।
नैनीताल के बर्थ डे के मौके पर कार्यक्रम के दौरान पंडित केसी सुयाल, जेओ पीटर और एम दिलावर ने बारी बारी से अपने अपने धर्मानुसार प्रार्थना कर नैनीताल और इस क्षेत्र के लोगों के सुखद भविष्य के लिए प्रार्थना की।
सरोवर नगरी के जन्म दिन समारोह में आल सेंट्स, सनवाल पब्लिक स्कूल, सेंट जोंस, ओकवुड स्कूल, होली एंजिल स्कूल, शेरवुड कालेज, विशप शा स्कूल के अलावा जिलाधिकारी कार्यालय, लोनिवि, जिला पंचायत, कुमाऊं मंडल विकास निगम, सीडीओ कार्यालय, वन विभाग, चिड़ियाघर, नीमा आर्या, पूरन मेहरा, हरीश बिष्ट, कूर्मांचल बैंक, जनता मटन शाप, सरस्वती खेतवाल, चिया संस्था, राहुल कर्नाटक, कंवल मलिक व इदरीश मलिक की ओर से केक भेजे गए थे। बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्गों ने भी चाव से केक का स्वाद लिया