हल्द्वानी। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और संभावित युद्ध की स्थिति देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर दिया गया है। सीएमओ ने आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों के लिए सभी अस्पताल प्रमुखों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
स्वास्थ्य महानिदेशालय से जारी निर्देशों में सभी अस्पतालों में डाॅक्टर, पैरामेडिकल स्टॉफ समेत सभी कार्मिकों के लंबे अवकाश रद्द करने के साथ ही अस्पतालों में व्यापक इंतजाम और सभी को अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है। सीएमओ डॉ. एचसी पंत ने बताया कि सभी कर्मचारियों को 24 घंटे मोबाइल रखने, पैरामेडिकल स्टॉफ को ड्रेस में रहने और पर्याप्त जीवनरक्षक औषधियां रखने को कहा गया है। ट्राॅमा सेंटरों में विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ रैपिड रिस्पांस टीम, सुशीला तिवारी, बेस और रामनगर उप जिला अस्पताल में ट्राॅमा टीम गठित करने के अलावा एंबुलेंस में पर्याप्त ईंधन रखने को कहा गया है। ऑक्सीजन सिलिंडर, वेंटिलेटर, आईसीयू में जरूरी उपकरण स्थापित करने के अलावा अस्पतालों की छत पर रेडक्राॅस का निशान लगाने को भी कहा गया है।
एसटीएच में प्लास्टिक सर्जन और बेस में ट्रामा आईसीयू नहीं
वर्तमान में एसटीएच में लंबे समय से प्लास्टिक सर्जन उपलब्ध नहीं हैं। बेस अस्पताल में ट्राॅमा आईसीयू की सुविधा नहीं है। बेस अस्पताल के पीएमएस डॉ. केके पांडे ने बताया कि ऑक्सीजन के दो प्लांट हैं। तीन-तीन डॉक्टरों की रेपिड रिस्पांस टीम और ट्रॉमा टीम बना दी गई है। राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि जरूरत पड़ेगी तो 14 बेड के ट्राॅमा सेंटर को और बढ़ाया जा सकेगा। यहां भी रैपिड रिस्पांस और ट्राॅमा टीम का गठन किया गया है। अलार्म सिस्टम बना हुआ है। सभी उपकरणों को चेक करने के लिए कहा गया है। फिलहाल ऑक्सीजन के दो प्लांट चल रहे हैं।