हल्द्वानी। मेडिकल कॉलेज और सुशीला तिवारी अस्पताल में कार्यरत उपनल कर्मियों को दो माह से मानदेय नहीं मिला है। मार्च और अप्रैल का वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों के आगे रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है।
हर माह 17 से 18 हजार रुपये मानदेय वाले 600 से अधिक कर्मियों को इस समय बच्चों के स्कूल में प्रवेश से लेकर उनकी फीस आदि के लिए दिक्कतें खड़ी हो गई हैं। एसटीएच, कैंसर अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में करीब 691 उपनल कर्मचारी हैं। कर्मचारियों का कहना है कि अगर जल्द वेतन नहीं मिला तो उन लोगों के सामने मुश्किल और बढ़ जाएगी। मेडिकल कॉलेज के वित्त नियंत्रक एसपी सिंह का कहना है कि उपनल और संविदा कर्मियों का बजट नहीं आया है। कर्मचारियों के वेतन के लिए शासन से बजट आता है। शासन को पुनर्विनियोग प्रस्ताव भेजा गया है। जैसे ही बजट आएगा सभी को वेतन दे दिया जाएगा।
ज्वाइनिंग के एक दिन बाद ही न्यूरो फिजिशियन लापता
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल के मेडिसिन विभाग में नवनियुक्त न्यूरो फिजिशियन ने अस्पताल में सेवाएं देनी बंद कर दी है। न लिखित सूचना दी और न पद छोड़ने संबंधी पत्र दिया। नियमानुसार संस्थान को नोटिस देना होता है। मेडिकल कॉलेज के अधीन सुशीला तिवारी अस्पताल के विभिन्न विभागों डॉक्टरों की कमी बनी है। कमी दूर करने के लिए मेडिकल काॅलेज में बीच बीच में इंटरव्यू का आयोजन किया जाता है। सुशीला तिवारी अस्पताल में न्यूरो फिजिशियन नहीं हैं। पिछले दिनों हुए इंटरव्यू में न्यूरो फिजिशियन के लिए डाॅ. संजीव का चयन हुआ था। लेकिन उन्होंने एक दिन डयूटी की और उसके बाद से लापता हो गए। प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी के अनुसार पिछले सोमवार से वह डयूटी पर नहीं आ रहे हैं। इस संबंध में उनकी ओर से कोई पत्राचार भी नहीं किया गया है। संपर्क होने या लिखित सूचना मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।