दो से तीन गुना तक बढ़ गई थी लामाचौड़ में जमीन की कीमतें
रियल स्टेट कारोबारियों के अनुसार, 2023 में गौलापार के प्रस्ताव से पहले, बेलबाबा और लामाचौड़ में जमीन की कीमत लगभग 800-1200 रुपये वर्ग फीट थी। अगस्त 2026 में जब सरकार ने बेलबाबा में हाईकोर्ट के लिए 30 हेक्टेयर भूमि को अंतिम रूप दिया तो इस क्षेत्र में जमीन के दाम बढ़कर 2500-4000 रुपये प्रति वर्ग फीट तक पहुंच गए। यहां कीमतों में 2 से 3 गुना की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद से रामपुर रोड हाईवे को प्रीमियम लोकेशन के रूप में पहचाना जाने लगा।
रजिस्ट्री में वृद्धि और वर्तमान स्थिति
निबंधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, हल्द्वानी तहसील में 2024-25 की तुलना में 2025-26 में रजिस्ट्रियों की संख्या में लगभग 30-35 फीसदी की वृद्धि हुई है। इनमें सबसे अधिक रजिस्ट्री लामाचौड़, बेलबाबा, गौलापार और रामपुर रोड जैसे इलाकों में हुई हैं। हालांकि 27 अक्तूबर को रीजनल एम्पावर्ड कमेटी (आरईसी) की ओर से 30 हेक्टेयर भूमि के प्रस्ताव को फिर से खारिज कर दिए जाने के बाद, कीमतों में कुछ सुधार होने की उम्मीद है। इसके बावजूद फिलहाल डीलरों ने अभी कीमतें डाउन नहीं की हैं। तहसील कर्मियों के मुताबिक हल्द्वानी तहसील में रोजाना औसतन 35-40 रजिस्ट्री होती हैं, जो पिछले दिनों बेलबाबा में हाईकोर्ट शिफ्टिंग की खबरों के बाद बढ़कर 55-60 रजिस्ट्री होने लगी थी। इनमें लामाचौ़ड़ और रामपुर रोड की रजिस्ट्री अधिक थी।
गौलापार में जमीन के दाम स्थिर
2023 में स्टेडियम रोड, चोरगलिया रोड और गौलापार-खटीमा बाईपास पर जमीन के दाम दोगुने हो गए थे जो जमीन 2022 में 600-800 रुपये प्रति स्क्वायर फीट थी, वह 2023-24 में बढ़कर 1500-2200 रुपये प्रति स्क्वायर फीट हो गई। हाईकोर्ट शिफ्टिंग की संभावना समाप्त होने के बावजूद, गौलापार में जमीन के दाम अभी भी 1500-2200 रुपये प्रति स्क्वायर फीट बने हुए हैं।
निवेशकों के सपने डूबे
बेलबाबा में हाईकोर्ट शिफ्टिंग को सैद्धांतिक स्वीकृति मिलने के बाद शहर ही नहीं बल्कि कुमाऊं के कई निवेशकों ने रामपुर रोड से लेकर लामाचौड़ तक मुंह मांगी कीमत पर जमीनें खरीद ली थीं। कारोबारियों को उम्मीद थी कि हाईकोर्ट के यहां शिफ्ट होने के बाद क्षेत्र में होटल, रेस्टोरेंट, होम स्टे और रिजॉर्ट जैसे कारोबारों को पंख लगेंगे या फिर खरीदी गई जमीन को वह बाद में कहीं अधिक मुनाफे पर बेच देंगे, लेकिन वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की समिति की ओर से इस प्रस्ताव को खारिज कर देने के बाद निवेशक मायूस हो गए।
बेलबाबा में हाईकोर्ट शिफ्टिंग के बाद रामपुर रोड ही नहीं, बल्कि हल्द्वानी शहर में जमीन की कीमतों में एकाएक बूम आया था। लोगों ने आनन-फानन रामपुर रोड पर जमीनें खरीद लीं। अब प्रस्ताव खारिज होने के बाद जमीन के दाम घटना तय है। इससे बगैर सोचे-समझे जमीन खरीदने वालों को नुकसान होगा। यह उन लोगों के लिए सबक है जो बगैर सोचे-समझे जल्दबाजी में निवेश कर लेते हैं। गनीमत रही कि जिला प्रशासन ने रामपुर रोड पर कॉलोनी काटने और प्लाटिंग पर रोक लगाई थी अन्यथा कई और लोगों को भी नुकसान उठाना पड़ता।
- करन महाजन, आरटी रिटेलर्स नवाबी रोड हल्द्वानी
बेलबाबा क्षेत्र में हाईकोर्ट शिफ्टिंग में पेच फंसने का असर क्षेत्र के विकास पर पड़ेगा। वहां हाईकोर्ट बनता तो क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं में इजाफा होता और इसका लाभ आम लोगों को मिलता लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। हां जमीन के रेट पर भी असर पड़ सकता है।
- शोभित शर्मा, स्टार कंस्ट्रक्शन ईको टाउन हल्द्वानी