हल्द्वानी। होली पर्व की तिथियों में विभिन्न पंचांगों में अंतर को देखते हुए उत्तराखंड पर्व निर्णय सभा, पंचतत्व विद्वत परिषद और काशी विद्वत परिषद के ज्योतिर्विदो की संयुक्त ऑनलाइन बैठक हुई। इसमें 13 मार्च की रात 11:30 बजे के बाद होलिका दहन और 15 मार्च को रंग की होली खेलने का निर्णय सुनाया गया।
इससे पहले होली पर्व पर बताई गई शास्त्र सम्मत व्यवस्था संबंधी पत्र को पढ़ा गया। बताया गया कि फाल्गुन मास की भद्रारहित पूर्णिमा में होलिका दहन और प्रतिपदा को होली मनाने का शास्त्रों में विधान है। विद्वानों ने उक्त शास्त्र सम्मत व्यवस्था पर सर्वसम्मति से स्वीकृति दी। अध्यक्षता करते हुए पर्व निर्णय सभा के अध्यक्ष डॉ. जगदीश चंद्र भट्ट ने बताया कि उत्तराखंड में तय दिनों में ही रंग की होली खेली जाएगी।
काशी विद्वत परिषद से डॉ. अमित मिश्रा और पंचतत्व विद्वत परिषद से भूपेंद्र पाठक, पंचांगकार डॉ. पवन पाठक के अलावा पर्व निर्णय सभा से उमेश चंद्र त्रिपाठी, डॉ. राम भूषण बिजलवाण, डॉ. मंजू जोशी, हरीश चंद्र जोशी, बसंत बल्लभ त्रिपाठी, पंचांगकर दीपक जोशी मौजूदगी में यह बैठक हुई। संचालन सचिव डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने किया।