द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। द्वाराहाट के चित्रेश्वर में बैठकी होलियों की महफिलें जमने लगी हैं। भातृ कला मंच चित्रेश्वर की ओर से पौष माह के प्रथम रविवार से यहां होलियां शुरू हो जाती हैं। होल्यार विभिन्न पारंपरिक रागों पर आधारित होलियों की प्रस्तुतियां दे रहे हैं।
जिनमें राग श्याम कल्याण में कह विधि फाग रचायो मोहन मन लीन्हो, राग विहाग में कौन गली गयो श्याम बता दे सखी, राग खम्माज में होली खेलन कहां जाऊं फाग खेलन कहां जाऊं, घर ही में मेरा खिलाड़ी रहत है, राग काफी में फाल्गुन के दिन चार सखी री होलिन के दिन चार, राग झिंझोटी में चलत पवन रितु आई है फागुन की, जियरा मेरा नहीं माने आदि प्रमुख होली गायन वादन से चित्रेश्वर का पूरा क्षेत्र फागुन के रंग में रंगा है।
क्षेत्र के जाने माने वरिष्ठ होली कलाकार सेलागडी निवासी ललित त्रिपाठी के निर्देशन में कगनर, बैरती, गैराड़, उलैंनी, चितैली के महेश उपाध्याय, सतीश बिष्ट, पूरन उपाध्याय, उमेश पांडेय, कैलाश पांडेय, हरीश पांडेय, हरनाथ पांडेय, लीलांबर पांडेय, कमल सिंह, पान सिंह आदि कलाकारों ने होलियों का गायन किया जा रहा है।
हारमोनियम पर उमेश त्रिपाठी, कैलाश पांडेय और तबले पर सतीष बिष्ट, पूरन उपाध्याय, उमेश पांडेय संगत दे रहे हैं। मुख्य होलियों की शुरुआत 24 मार्च रंगभरी एकादशी से होगी।