कुमाऊंनी होली परंपरा के तहत पोष माह के पहले रविवार से शुरू हुई होली गायकी की परंपरा के तहत होल्यारों ने शनिवार को होली के टीके की अंतिम होली बैठक के बाद इसे अलविदा कहा। इस दौरान देर रात्रि तक होल्यार होली की मस्ती में मदमस्त देखे गए।
तल्लीताल भवानी निवास में हुई बैठक में राग धमार में गरजत आए घनघोर नाचत ऐसे ताल..से होली बैठक की शुरुआत हुई। इसके बाद राग देश, जैजैवंती, विहाग, सहाना आदि रागों में अंगना में खड़ी थी.., तब जानू हो खिलाड़ी.., को खेले ऐसी होरी.., भई बैरागन अपने पिया की.. होली गाकर माहौल को जीवंत किया।
बैठक के अंत में मुबारक को मंजरी फूलों भरी.. से लोगों को होली की आशीष दी। इस मौके पर केके साह, नलित धोलकिया, अनूप साह, सतीश पांडे, मनोज पांडे, हरीश पंत, राजा साह, मोहन जोशी, एसएन त्रिपाठी, नवीन बेगाना मौजूद थे। इसके बाद होल्यारों ने अनूप साह के निधन पर दो मिनट का मौन रख दिवंगत की आत्मा की शांति की प्रार्थना की ।