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भ्रष्टाचार पर भी एकराय नहीं, भिड़े भाजपाई-कांग्रेसी

Fri, 06 Mar 2015 01:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,हल्द्वानी
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ब्लाक में चल रहे भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का खेल बंद कराने सहित दस सूत्रीय मांगों को लेकर एक सप्ताह से ब्लाक दफ्तर के सामने क्रमिक अनशन पर बैठे जन प्रतिनिधियों और समाजसेवियों में फूट पड़ गई। वित्तमंत्री इंदिरा हृदयेश के साथ स्थानीय विधायक बंशीधर भगत को अनशन स्थल पर नहीं बुलाने को लेकर कांग्रेसी और भाजपाई अनशन स्थल पर ही एक-दूसरे से भिड़ गए। दोनों पक्षों में जमकर तू-तू मैं-मैं हुई। इस लड़ाई के बीच वहां पहुंची वित्तमंत्री के आश्वासन पर कांग्रेसियों ने तो अनशन खत्म कर दिया, मगर स्थानीय विधायक को नहीं बुलाने से नाराज एक भाजपाई काली पट्टी बांधकर क्रमिक अनशन पर बैठा रहा।
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ब्लाक में भ्रष्टाचार बंद कराने, बीपीएल का सर्वे, बसानी में ट्यूबवेल लगाने, गरीब और पिछड़ों तक सरकारी योजनाओं को लाभ पहुंचाने, बसानी में डामरीकृत सड़क बनाने सहित तमाम मांगों को लेकर कुछ जनप्रतिनिधि ब्लाक दफ्तर के सामने क्रमिक अनशन पर बैठे थे। बृहस्पतिवार सुबह वित्तमंत्री इंदिरा हृदयेश के अनशन स्थल पर आकर आश्वासन देने की बात पर अनशनकारी अनशन खत्म करने का तैयार हुए, मगर अनशन पर बैठे भाजपा नवयुवक मंगल दल के अध्यक्ष राकेश भट्ट ने इसका विरोध शुरू कर दिया।

राकेश भट्ट का आरोप था कि इस मामले में स्थानीय विधायक बंशीधर भगत को नहीं बुलाया। उन्होंने धरने पर बैठे सुनील पांडे, क्षेत्र पंचायत सदस्य दीपा पांडे, विपिन पांडे सहित तमाम लोगों पर आरोप लगाया कि वे कांग्रेसी हैं और उन्होंने भ्रष्टाचार की इस लड़ाई को राजनीतिक हित साधने के लिए इस्तेमाल किया। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में काफी तनातनी हुई। बाद में वित्तमंत्री ने सभी मांगों को बारी-बारी पूरी करवाने का आश्वासन दिया, जिस पर कांग्रेसियों ने अनशन खत्म कर दिया, मगर राकेश भट्ट अनशन पर ही बैठे हैं।
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12 प्रतिशत कमीशन का है खेल
राकेश भट्ट ने ब्लाक में कमीशनखोरी का आरोप लगाया। भट्ट के अनुसार 12 प्रतिशत की कमीशनखोरी हर काम या हर योजना में होती है। चाहे क्षेत्र पंचायत निधि हो या तेरहवें वित्त आयोग से होने वाले काम, सब में कमीशन होता है, जिसमें से 6 प्रतिशत जेई का, 2 प्रतिशत ग्राम पंचायत अधिकारी और 2 अन्य अधिकारियों का कमीशन होता है। उनका आरोप है कि ग्राम प्रधान, अन्य जनप्रतिनिधि भी 2 प्रतिशत कमीशन लेते हैं।
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