भोटिया पड़ाव क्षेत्र में एचआईवी पीड़ित महिला ने सोमवार की रात अपनी झोपड़ी में फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस की पूछताछ से पता चला कि खतरनाक बीमारी की जानकारी मिलने पर पति ने भी उसका साथ छोड़ दिया था। मानवता के नाम पर पड़ोस के लोग उसे जीने के लिए खाना पानी दे रहे थे।
चौकी प्रभारी नंदन सिंह रावत की जांच से पता चला कि महिला ने अपने चारपाई के बास से गले में खुद फंदा लगाया था। महिला नौ साल से खतरनाक बीमारी से जूझ रही थी। जीवन भर साथ निभाने का वादा करने वाला जीवनसाथी भी रोग के चलते उसका साथ छोड़ दिया।
महिला की दो बेटियां और एक बेटा है। किसी के सहयोग से उसकी दोनों बेटियां दिल्ली में पढ़ रही हैं। पड़ोसियों का कहना था कि कुछ सालों से एक व्यक्ति महिला के साथ रह रहा था लेकिन वह भी एचआईवी से पीड़ित हो गया।
महिला की शारीरिक स्थिति काफी जर्जर हो गई थी। मानवता के चलते पड़ोसी उसे खाना पानी दे रहे थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद रात में काफी लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। पुलिस ने पूछताछ के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में ले लिया।