हल्द्वानी। झमाझम बरसे रहे मानसून को लेकर राज्य मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 48 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और रास्ते बंद की भी संभावना जताई है साथ ही अधिकारियों से सतर्क रहने को कहा है। रविवार रात से हो रही बारिश के कारण अधिकतम पारा लुढ़क गया है।
रविवार की शाम से मौसम फिर बदल गया था और बारिश शुरू हो गई थी। मौसम विभाग ने 10 और 11 जुलाई को झमाझम बारिश की चेतावनी दी थी। सोमवार को सुबह से ही बारिश शुरू हो गई। दिनभर झमाझम बारिश के कारण अधिकतम तापमान 28.8 और न्यूनतम तापमान 25.9 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री कम और न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम रहा।
राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि अगले 48 घंटों में राज्य के कुछ स्थानों पर भारी बारिश और कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है। उन्होंने बताया कि मैदानी के निचले हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति हो सकती है। साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को आने-जाने वाले यात्रियों की यात्रा को कम करने की सलाह दी है। एसडीओ गौला बीडी सति ने बताया कि सोमवार को गौला का जलस्तर 4100 क्यूसेक रहा।
बारिश ने फिर थम गई रफ्तार
नैनीताल। दिनभर बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। देवीपूरा-सौड़, सिमलिय बैंड-साननी, पदमपुरी-हैड़ाखान और डोलकोट-पानकटारा मोटर मार्ग अब तक बंद हैं। शहीद बलवंत सिंह मार्ग छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है। नैनीताल में 24 घंटे के भीतर 56 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश से नैनी झील के जलस्तर -5 फीट 7 इंच पानी की बढ़ोत्तरी हो चुकी है।
सूखाताल झील में भी जल भराव होने लगा है। उधर, मूसलाधार बरसात से भीमताल में मल्लीताल स्थित ब्लाक रोड और विकास भवन परिसर के आसपास के लोगों के लिए खासी मुसीबतें लेकर आई। खुटानी नाले के उफान पर बहने के कारण ब्लाक रोड नदी में तब्दील हो गई और सड़क किनारे स्थित दुकानों और घरों में पानी घुस गया। सड़क के जलमग्न होने के कारण ब्लाक रोड में घंटे भर से अधिक समय तक जाम की स्थिति भी बनी रही।
भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग में पाडली की पहाड़ी से सोमवार की दोपहर में पत्थर गिरते इस कारण लगभग घंटे भर तक हाइवे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप रही और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। वहीं खैरना से काकड़ीघाट के बीच कई दिनों बाद शुरू हुई वाहनों की आवाजाही भी बरसात के चलते कुछ देर तक ठप रही। इस दौरान खैरना से काकड़ीघाट को आने जाने वाले वाहनों को वाया रामगढ़-क्वारब भेजा गया।