हाईकोर्ट के आदेश के मद्देनजर सरकार ने बीच में ही बीएड टीईटी अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग पर रोक लगा दी है।
राज्य में बीएड टीईटी अभ्यर्थियों के 1200 प्राथमिक शिक्षकों के रिक्त पदों के लिए प्रकाशित विज्ञापन में दो वर्षींय प्राथमिक शिक्षक डिप्लोमा धारी अभ्यर्थियों को शामिल न करने के मामले में हाईकोर्ट में हुए सुनवाई के बाद राज्य सरकार को याची का आवेदन पत्र स्वीकार करने तथा संशोधित विज्ञप्ति जारी करने के निर्देश 19 मार्च को न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया ने दिए थे।
मामले के अनुसार अल्मोडा निवासी हरीश चंद्र ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उसके पास दो वर्षींय एलीमेंट्री टीचर एजूकेशन में डिप्लोमा के साथ सीटीईटी की योग्यता है और याचिकाकर्ता नियमानुसार प्राथमिक शिक्षक चुने जाने की योग्यता रखता है। याचिका में कहा कि सरकार की ओर से 17 फरवरी 2016 को जारी विज्ञापन में केवल बीएड टीईटी को आमंत्रित किया है जिस कारण याची का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पूर्व में के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने राज्य सरकार को याची का आवेदन पत्र स्वीकार करने तथा संशोधित विज्ञप्ति जारी करने के आदेश दिए थे। इसी क्रम में बुद्घवार को जौनसारी, शिक्षा निदेशक देहरादून ने आदेश पारित कर चयन प्रक्रिया तत्काला प्रभाव से रोक दी है।