हाईकोर्ट ने नौ बागी विधायकों की सदस्यता समाप्त करने के स्पीकर के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर अगली सुनवाई के लिए एक अप्रैल की तिथि नियत की है। बागी विधायकों की ओर से दिनेश द्विवेदी तथा स्पीकर की ओर से पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल के बेटे अमित सिब्बल, अवतार सिंह रावत व कार्तिके हरिगुप्ता ने पैरवी की।
न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकलपीठ के समक्ष बुधवार को मामले की सुनवाई हुई। नौ बागी विधायकों सुबोध उनियाल, शैला रानी रावत, उमेश शर्मा काऊ, कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, हरक सिंह रावत, अमृता रावत, शैलेंद्र मोहन सिंगल, प्रदीप बत्रा, विजय बहुगुणा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि 27 मार्च को विधानसभा अध्यक्ष ने बिना किसी सुनवाई का मौका दिए उनकी सदस्यता समाप्त कर दी, जो गलत है। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि है। पक्षों की सुनवाई के बाद एकलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए एक अप्रैल की तिथि नियत की है।