ऊधमसिंह नगर जिले में ग्रीष्मकालीन धान की खेती को नष्ट करने के आदेश पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इससे किसानों को बड़ी राहत मिली है। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। किसानों ने जिला प्रशासन के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें उन्होंने चार फरवरी 2026 को अनधिकृत ग्रीष्मकालीन धान की नर्सरियों को नष्ट करने और केवल जलभराव वाले क्षेत्रों में ही धान की खेती करने की अनुमति देने के निर्देश दिए थे। गदरपुर तहसील के किसानों ने कोर्ट को बताया कि उनकी कृषि भूमि विभिन्न स्थानों पर स्थित है जिनमें से अनेक क्षेत्र जलभराव वाली भूमि की श्रेणी में नहीं आते।
उन्होंने कहा कि ऐसे आदेश का कोई प्रावधान नहीं है। डीएम का यह आदेश किसानों के अधिकारों का हनन है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई तक किसानों को ग्रीष्मकालीन धान की नर्सरी तैयार करने और खेती करने की अनुमति दी जाती है। मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी।