हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में डाक्टरों की लापरवाही से हो रही मौत पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। दोषी डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद उसने सरकार को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई हुई।
नैनीताल निवासी चंद्रशेखर जोशी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि एसटीएच कुमाऊं मंडल का प्रमुख अस्पताल है, जिसमें तकरीबन 650 बेड हैं और हर रोज हजारों मरीज वहां इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन डाक्टर ड्यूटी पर उपलब्ध नहीं होते। वहां अराजकता का माहौल है।
डाक्टरों की लापरवाही के कारण मरीजों की मौत हो रही है। बावजूद इसके, लापरवाह डाक्टरों, अस्पताल कर्मियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। याचिकाकर्ता का कहना था कि सरकार की ओर से कई मशीनें अस्पताल में लगाई गईं, फिर भी मरीजों को जांच के लिए बाहर भेजा जाता है।
साथ ही, उनसे दवाइयां भी बाहर से मंगाई जाती हैं। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सरकार को मामले में दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।