हाईकोर्ट ने उत्तराखंड पावर कार्पोरेशन देहरादून में कार्यरत अधीक्षण अभियंता की सेवा समाप्ति के आदेश को अवैधानिक घोषित करते हुए निरस्त कर दिया है। साथ ही न्यायालय ने जांच अधिकारी की ओर से आरोप पत्र देने की वैधता को सक्षम अधिकारी के समक्ष पेश करने का अधिकार दिया है।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। उत्तराखंड पावर कार्पोरेशन देहरादून में कार्यरत अधीक्षण अभियंता एमसी गुप्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि वह उत्तराखंड पावर कार्पोरेशन में अधीक्षण अभियंता हैं। याचिकाकर्ता ने प्रबंध निदेशक की ओर से विधि विरुद्ध तरीके से याचिकाकर्ता की सेवा समाप्ति व जांच अधिकारी की ओर से आरोप पत्र देने को चुनौती दी थी।