हाईकोर्ट ने बागेश्वर के खड़िया कारोबारी का खनन कार्य निलंबित करने के मामले में प्रमुख सचिव राकेश शर्मा और निदेशक खनन श्रीधर बाबू अदांकी को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति आलोक सिंह की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। बागेश्वर निवासी हरीश चंद्र लोहनी ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर कहा था कि पूर्व में माइनिंग अथॉरिटी भारत सरकार की ओर से 19 दिसंबर 2014 को उनकी माइन को निलंबित कर दिया था। याचिकाकर्ता का कहना था कि खान ब्यूरो ऑफ माइन की ओर से पाई गई खामियों को याचिकाकर्ता की ओर से ठीक कर दिया गया था। लेकिन उनकी खड़िया खनन पर लगाया गया निलंबन भारत सरकार की ओर से वापस नहीं लिया गया। याचिकाकर्ता ने कहा कि डीएम बागेश्वर के माध्यम से निलंबित खनन के निलंबन को समाप्त किए जाने की मांग की गई थी, लेकिन उस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई।
इस प्रकरण पर पूर्व में हुई सुनवाई के बाद एकलपीठ ने 3 अप्रैल 2015 को आदेश पारित कर कहा था कि याचिकाकर्ता अपना प्रत्यावेदन सरकार को दे और वह दस दिन के भीतर उसका निस्तारण कर निर्णय लें। अवमानना याचिका में कहा गया था कि दस दिन बीतने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं की।