नैनीताल। स्वास्थ्य बीमा के नाम पर राज्य के रिटायर कर्मियों की पेंशन के पैसा काटने के मामले में हाईकोर्ट ने सुनवाई के लिए 23 जुलाई की तिथि नियत की है।
मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार देहरादून निवासी गणपत सिंह बिष्ट और अन्य ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य बीमा के नाम पर उनकी अनुमति के बिना 21 दिसंबर 2020 को एक शासनादेश जारी कर उनकी पेंशन से अनिवार्य कटौती 1 जनवरी 2021 से शुरू कर दी है। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि यह उनकी व्यक्तिगत संपति है और सरकार इस तरह की कटौती नहीं कर सकती है। यह असांविधानिक है।
याचिका में कहा गया कि पूर्व में यह व्यवस्था थी कि कर्मचारियों का स्वास्थ्य बीमा सरकार खुद वहन करती थी लेकिन अब सरकार उनके पेंशन से स्वास्थ्य बीमा के नाम पर हर माह पैसे काट रही है। इसलिए इस संबंध में जारी पूर्व व्यवस्था को लागू किया जाए।