नैनीताल। हाईकोर्ट ने स्टोन क्रेशरों को लाइसेंस दिए जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद सरकार व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को 6 जनवरी तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार बाजपुर निवासी त्रिलोक चंद्र ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि प्रदेश सरकार स्टोन क्रशरों के नए लाइसेंस ईको सेंसिटिव जोन के लिए जारी न करें। याचिका में कहा कि सरकार उन क्षेत्रों में भी नए लाइसेस जारी न करे जो औद्योगिक क्षेत्र न घोषित हों।
याचिका में यह भी कहा कि स्क्रीनिंग प्लांटों के भी लाइसेंस जारी न किए जाएं क्योंकि स्क्रीनिंग प्लांट नदी के किनारे से 10 मीटर दूर स्थापित करने के मानक पूर्व से ही हैं। याचिका में कहा कि इससे कभी भी नदी से अवैध खनन कर सकते हैं। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सरकार व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को 6 जनवरी तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।
लता नेगी