नैनीताल। कुमाऊंनी पौराणिक गाथाओं और लोक कथाओं को अगर आधुनिक तकनीक के साथ रूपहले पर्दे पर उतारा जाए तो इन्हें वैश्विक पहचान दिलाई जा सकती है। नैनीताल पहुंचे सिने अभिनेता हेमंत पांडे ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि पहाड़ की कहानियों में भावनाएं, दर्द और संघर्ष है, जरूरत है तो बस इन्हें आधुनिक तरीके से पेश करने की।
हेमंत पांडे ने मंगलवार को पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहा कि आज की युवा पीढ़ी वेब सीरीज, सीरियल और इंटरनेशनल सिनेमा देख रही है। ऐसे में कुमाऊंनी, गढ़वाली और जौनसारी लोक गाथाओं को भी उसी स्तर पर ले जाना होगा ताकि बच्चे इन्हें देखने के लिए मजबूर हों। उन्होंने कहा वे पिछले कई वर्षों से कुमाऊंनी लोक संस्कृति को फिल्मों के जरिये पहचान दिलाने के प्रयास में जुटे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (एफटीआई) को तराई के बजाय पहाड़ों में स्थापित किया जाना चाहिए। इससे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण के बेहतर अवसर मिलेंगे। उन्होंने बताया कि वह ‘वेलकम-3’ फिल्म में नजर आएंगे जिसमें मुख्य अभिनेता अक्षय कुमार हैं।