नैनीताल हाईकोर्ट ने प्रदेश के सरकारी विभागों में वर्षो से कार्यरत उपनल संविदा कर्मचारियों को आदेश होने के बाद भी सरकार की ओर से नियमित नही करने, उन्हें चयनित वेतनमान नही दिए जाने तथा उनको दिए गए वेतन से जीएसटी आदि काटे जाने के मामले में दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए सात अक्तूबर की तिथि नियत की है।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि इनके नियमतिकरण के लिए सरकार को नियमावली में संशोधन करना पड़ेगा इसलिए उन्हें समय दिया जाए।न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार उपनल कर्मचारी संघ ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर कहा था कि 2018 में हाईकोर्ट ने उपनल संविदा कर्मचारियों को सरकारी नौकरी में नियमितीकरण का आदेश दिया था। जिसके बाद सरकार सुप्रीम कोर्ट गई। सुप्रीम कोर्ट ने 2024 में संविदा कर्मचारियों के हक में फैसला दिया था। जिसके बाद हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई। अवमानना याचिका में कहा कि सरकार कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं कर रही है और ना ही उन्हें नियमित करने के लिए कोई कदम उठा रही है।