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बागी विधायकों की सदस्यता समाप्त करने के मामले पर सुनवाई 23 को 

Tue, 12 Apr 2016 10:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल।
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नैनीताल। हाईकोर्ट  में स्पीकर की ओर से आदेश जारी कर नौ बागी विधायकों की सदस्यता समाप्त  करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर अग्रीम सुनवाई के लिए 23 अप्रैल की तिथि नियत की है। इसके अलावा कोर्ट ने स्पीकर को 18 अप्रैल तक जवाब देने तथा याचिकाकर्ता को इसका प्रतिशपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।  
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न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई  हुई। बागी विधायकों की ओर से पैरवी कर रहे आर्यमन सुंदरम, एल, नागेश्वर  राव व दिनेश द्विवेदी ने कोर्ट को बताया कि स्पीकर की ओर से आदेश पारित कर  उनकी सदस्यता समाप्त करना गलत है। याचिका में कहा कि उनके द्वारा पार्टी को  नहीं छोडा गया था वे केवल सरकार के खिलाफ गए थे

याचिकाकर्ता की ओर से  कर्नाटक के येदियुरप्पा, सुप्रीम कोर्ट के कई निर्णयों का हवाला दिया गया। इसके अलावा उन्होंने न्यायालय से  विधानसभा अध्यक्ष के बर्खास्तगी के आदेश पर रोक लगाने की मांग की।  स्पीकर  की ओर से पैरवी करने पहुंचे पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री सुप्रीम कोर्ट के  वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल  सिब्बल की ओर से कहा गया कि स्पीकर की ओर से बागी विधायकों की सदस्यता बिल्कुल सही समाप्त की गई है। इससे पूर्व भी उन्हें 18 अप्रैल को शोकॉज नोटिस भी दिया गया था जिसको बागी विधायकों ने कोर्ट में चुनौती दी थी और पूर्व में भी हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था।  
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बता दें कि  बागी विधायक  सुबोध उनियाल, शैला रानी रावत, उमेश शर्मा काऊ, कुंवर  प्रणव   सिंह चैंपियन, हरक सिंह रावत, अमृता रावत, शैलेन्द्र मोहन सिंगल व प्रदीप   बत्रा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर 27  माचऱ 2016 को विधानसभा अध्यक्ष   की ओर से सभी बागी विधायकों की सदस्यता को समाप्त करने को चुनौती दी थी। 
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