हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों से किराया वसूली व अन्य सुविधाओं में छूट देने के लिए जारी अध्यादेश को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए 18 अक्तूबर की तिथि नियत की है। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कोर्ट को अवगत कराया गया कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को नोटिस तामील हो गए हैं।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार देहरादून की रुलक संस्था ने अध्यादेश के खिलाफ दायर जनहित याचिका में कहा था कि राज्य सरकार ने अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर पूर्व मुख्यमंत्रियों को व्यक्तिगत लाभ और सेवाएं देने के लिए यह अध्यादेश पास किया है जो असांविधानिक है।
याचिका में कहा कि सरकार ने यह अध्यादेश हाईकोर्ट के आदेश को ताक में रखकर पास किया है। यह आदेश पूर्व मुख्यमंत्रियों को व्यक्तिगत लाभ और सेवा देने के लिए है।यह जनता से मिले राजस्व का दुरुपयोग है। याचिका में अध्यादेश को निष्प्रभावी घोषित करने की मांग की गई है।