स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना को प्रदेश की 90 लाख जनता के लिए वरदान बताया। कहा कि जिस तरह स्वास्थ्य कार्ड में खामियां सामने आ रही है, उसे देखते हुए बिना स्वास्थ्य कार्ड के भी मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना का लाभ लिया जा सकता है। व्यक्ति राशन कार्ड, पहचान पत्र दिखाकर भी अपना इलाज करा सकता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बुधवार को संयुक्त चिकित्सालय का निरीक्षण किया और डाक्टरों से बाहर की दवा नहीं लिखने को कहा। लोनिवि विश्राम गृह में पत्रकार वार्ता में नेगी ने प्रदेश में डाक्टरों की कमी को स्वीकारते हुए कहा कि 300 नए डाक्टरों की नियुक्ति की जा चुकी है तथा एक हजार नए डाक्टरों की भर्ती प्रक्रिया लोक सेवा आयोग से होगी। नेगी ने बताया कि जल्दी ही प्रदेश के सभी अस्पतालों में स्पेशल काडर के विशेषज्ञ डाक्टरों की भर्ती की जाएगी, जिससे किसी भी रोगी को अस्पतालों से रेफर नहीं किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य में 90 प्रतिशत तक पांच साल के बच्चों के टीकाकरण हो गया है। इस दौरान सिंचाई विभाग की सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष पुष्कर दुर्गापाल, महिला आयोग की उपाध्यक्ष अमिता लोहनी, बीडीसी विजय खुल्बे, शेरसिंह लटवाल, दीपक भट्ट, गोपाल लोहनी, नवीन नैथानी आदि मौजूद रहे।
अस्पताल में नहीं मिली खामी
स्वास्थ्य मंत्री को संयुक्त चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की खामी नहीं मिली। स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में भर्ती एवं ओपीडी के रोगियों से उनके स्वास्थ्य के बारे में जाना और अस्पताल प्रशासन द्वारा मुहैया कराई जा रही सुविधाओं की बाबत जानकारी ली। स्वास्थ्य मंत्री ने ओपीडी, आपरेशन थियेटर, दवा कक्ष, एक्सरे रूम, डॉटस विभाग आदि का भी निरीक्षण किया और डाक्टरों को बाहर की दवाईयां नहीं लिखने के निर्देश दिए। इस दौरान डा.हरीश पंत, चंद्रा पंत, जगदीश पंत आदि मौजूद रहे।
पार्क भ्रमण में हुए वनराज के दर्शन
स्वास्थ्य मंत्री मंगलवार को पत्नी एवं पुत्र के साथ कार्बेट पार्क भ्रमण पर पहुंचे थे। बुधवार सुबह उन्हें ढिकाला रेंज में बाघ के दर्शन हुए, जिसकी फोटो उन्होंने अपने मोबाइल फोन में कैद की। बाघ दिखने की खुशी का इजहार करते हुए उन्होंने कहा कि पार्क में बाघ के नहीं शेर के दर्शन हो गए।