गंदगी और दूषित पेयजल आपूर्ति से तीन वार्डों में पीलिया फैलने को स्वास्थ्य महकमे ने भी गंभीरता से लिया तो हकीकत सामने आ गई। जवाहर नगर में शनिवार को स्वास्थ्य शिविर लगाया गया तो उपचार के लिए मरीजों का तांता लग गया। कैंप में करीब 200 रोगी पहुंचे जिनका परीक्षण कर दवा दी गई। पीलिया के दस संदिग्ध रोगियों को बेस अस्पताल रेफर किया गया।
शिविर में सुबह से ही मरीजों की लाइन लगनी शुरू हो गई थी। अपराह्न दो बजे तक मरीजों के आने का सिलसिला जारी रहा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एचके जोशी भी शिविर में पहुंचे तथा रोगियों से बातचीत की। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी किया। चिकित्साधिकारी डॉ. एनसी तिवारी, डॉ. कृष्ण मुरारी, डॉ. ऋचा शुक्ला आदि ने रोगियों का परीक्षण कर दवा दी।
आईडीएसपी नंदन कांडपाल के अलावा पीएचसी मोटाहल्दू की टीम में अर्बन हेल्थ आफिसर राघवेंद्र सिंह, हरीश फुलेरिया आदि शामिल थे। चिकित्साधिकारी ने बताया कि शिविर में उपचार के लिए आए दस रोगियों में पीलिया के लक्षण प्रतीत होने पर उन्हें बेस अस्पताल में जांच के लिए रैफर कर दिया गया।
इनमें राजू राम (42), गीता (28), सादिया (02), निशां (18), मेहरुनिशां (35), नईम जैदी (38), प्रेमवती (25), अहमद (29), शहनाज (28), साहिद (08) शामिल हैं। उन्होंने बताया कि शिविर में आए रोगियों में अधिकतर को मौसमी बुखार एवं आर्थराइटिस से पीड़ित थे।
डीएम ने की समीक्षा
डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी ने शनिवार को कैंप कार्यालय में नगर निगम, जलसंस्थान समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर पीलिया प्रभावित क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि जलसंस्थान को निर्देशित किया गया है कि जिन पेयजल कनेक्शनों से दूषित पेयजल सप्लाई होने की बात सामने आई है उन लाइनों को बदलने की कार्यवाही की जाए।
काम पूरा होने तक क्षेत्र में टैंकर से पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की जाए। सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय और नगर निगम अधिकारियों को क्षेत्र में भ्रमण कर सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने के भी निर्देश दिए गए।