सात निजी यातायात संस्थाओं द्वारा डग्गामारी और नियम विरुद्ध टैक्सियों के संचालन में जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को भी जारी रही। प्रशासन के साथ संस्था प्रतिनिधियों की बैठक किसी मुकाम पर न पहुंचने के कारण हड़ताल जारी रहेगी।
परिवहन निगम की अनुमति की आड़ में बोलेरो, सूमो, मैजिक मैक्स, कैब्स, टेंपो आदि वाहनों के नियम विरुद्ध संचालन के खिलाफ नगर की सहकारी यातायात संस्थाओं ने बुधवार को हड़ताल के दूसरे दिन भी यातायात संस्थाओं ने हड़ताल जारी रखी।
संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने आमडंडा और लखनपुर चुंगी पर सवारियां लेकर जा रहीं कुछ टैक्सियों को रोक कर उनके वाहनों की हवा निकाल दी। इसकी शिकायत पर मौके पर पहुंची पुलिस ने पुलिस सुरक्षा में टैक्सियों को रवाना कराया।
इधर, रानीखेत रोड पर आयोजित धरना स्थल पर वाहन स्वामियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, हड़ताल जारी रहेगी। वक्ताओं ने कहा कि डग्गामार वाहनों के चलते उन्हें आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है। दोपहर बाद एसडीएम परितोष वर्मा ने अपने कार्यालय में सीओ मिथिलेश कुमार, एआरटीओ विमल पांडे, परिवहन निगम के अधिकारियों की मौजूदगी में यातायात संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। लेकिन, वार्ता बेनतीजा रही।
बाद में संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने बैठक कर हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया। इस दौरान यूनियन के अध्यक्ष अरविंद गुंसाई, सचिव धीरेंद्र सिंह गुंसाई, विक्रम पटवाल, जितेश रावत, गणेश पंत, सुनील भट्ट, जयबल्लभ वैला, रणजीत कड़ाकोटी, मनोज कठैयत, इंद्र नेगी, तारा लोहनी, नारायण सिंह रावत, नरेंद्र सिंह, अनिल शर्मा, अब्दुल रहमान, शम्सी अहमद, मो. हफीज, मो. गुफरान, अनवर मलिक आदि थे।
दूसरी ओर निजी और सहकारी यातायात संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने टैक्सियों को रोकने और वाहनों के टायरों की हवा निकालने की शिकायत की। एसडीएम वर्मा ने कहा कि यदि भविष्य में ऐसा होता है तो संबंधित के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।
रोडवेज ने बढ़ाई पर्वतीय मार्गों के लिए बसें
प्राइवेट बस संस्थाओं की दो दिन से चल रही हड़ताल के बाद यात्रियों की सहूलियत के लिए उत्तराखंड परिवहन निगम ने पर्वतीय क्षेत्रों में चार बसें अतिरिक्त लगाईं। रामनगर रोडवेज के स्टेशन प्रभारी नवीन आर्या ने बताया कि दो दिन से चल रही निजी बसों की हड़ताल के कारण यात्रियों को परेशानी हो रही थी। इसको ध्यान में रखते हुए निगम ने मंगलवार को दो बसें अतिरिक्त बढ़ाने का फैसला लिया था, लेकिन बुधवार को भी यात्रियों की भारी संख्या को देखकर बुधवार को भी मानिला, देघाट, रानीखेत, हल्द्वानी मार्गों पर बसे भेजी गईं।