बजूनियाहल्दू गांव में मां से बिछुड़े तेंदुआ के शावक ने बुधवार सुबह दम तोड़ दिया। शावक के शव का दो डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। डीएफओ नेहा वर्मा ने बताया कि शावक को उसकी मां से मिलाने के लिए विभाग ने पूरी कोशिश की। बताया कि शावक के मरने से पहले मादा तेंदुआ चार बार शावक के पास आई, लेकिन शावक को नहीं ले गई।
इधर वन्य जीव विशेषज्ञों की माने तो शावक के बीमार होने की स्थिति में मादा गुलदार शावक को छोड़ जाती है। बताते चलें कि मंगलवार को सुरेश जोशी को उनके खेत से सटे नाले में एक शावक मिला। सूचना पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर रेस्क्यू शुरू किया था। डीएफओ वर्मा ने बताया कि बकरी का दूध पिलाकर शावक को उसी जगह पर रखा गया था। जहां ग्रामीणों को शावक मिला था। बताया कि शावक के पास में लगे कैमरे में चार बार तेंदुआ की लोकेशन टै्रप हुई है। आरओ आनंद रावत ने बताया कि गांव में सुरक्षा के लिहाज से वनकर्मियों की गश्त लगातार जारी है।
संभवत: मादा गुलदार के दो-तीन शावक होंगे। शावक के बीमार होने की स्थिति में गुलदार शावक को छोड़ जाती है। गुलदार के चार बार मौके पर आने के बाद भी शावक को न ले जाने की स्थिति इस ओर इशारा कर रही है कि शायद शावक बीमार हो।
- डॉ. पराग मधुकर धकाते, वन संरक्षक।