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10 को हरिशयनी एकादशी,चार माह तक मांगलिक कार्यों में रहेगा विराम

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हल्द्वानी। हरिशयनी एकादशी 10 जुलाई को मनाई जाएगी। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की इसी एकादशी को भगवान विष्णु चार महीने के लिए क्षीर सागर में विश्राम के लिए चले जाते हैं। चातुर्मास के नियम भी इस एकादशी से शुरू हो जाएंगे। इस महीने 28 जुलाई तक कई त्योहार और व्रत भी हैं।
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ज्योतिष अशोक वार्ष्णेय ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार 10 जुलाई को भगवान विष्णु के शयन के बाद भगवान शिव सृष्टि की सत्ता का भार संभाल कर पृथ्वी की गतिविधियों का संचालन करेंगे। भगवान विष्णु कार्तिक मास की देव उठावनी एकादशी को अपनी निद्रा त्याग कर पुन: अपनी सत्ता ग्रहण करेंगे। इन चार महीनों में विवाह, मुंडन, जनेऊ आदि मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा।
एकादशी तिथि शनिवार नौ जुलाई सायंकाल 4.39 बजे से शुरू होकर अगले दिन रविवार को मध्याह्न काल 2.14 बजे तक रहेगी। ज्योतिषी पंडित दिनेश चंद्र जोशी ने बताया कि 13 जुलाई को गुरू पूर्णिमा का व्रत होगा। 15 जुलाई को संक्रांति के साथ दक्षियाणन शुरू हो जाएगा। 20 जुलाई को कालाष्टमी व्रत, 24 को एकादशी और फिर 28 जुलाई को अमावस्या रहेगी।
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पूजा विधान
सुबह गंगाजल मिश्रित जल से स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। मंदिर में चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर उस पर भगवान विष्णु का चित्र या प्रतिमा स्थापित कर उन्हें गंगा जल से स्नान कराकर पीले वस्त्र पहनाएं। माता महालक्ष्मी का भी पूजन कर उन्हें पीले फूल अर्पित कर सात्विक खाद्य पदार्थों का भोग लगा कर आरती करें। एकादशी पर तुलसी पौधरोपण कर सायंकाल घी का दीपक प्रज्वलित करें।
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