पर्यटन स्थल से जुड़ेंगी हरीशताल-लोहाखाम ताल की झीलें
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नैनीताल जिले के सबसे दूरस्थ विकासखंड ओखलकांडा में स्थित हरीशताल और लोहाखाम ताल की झीलों को पर्यटन स्थल से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। पर्यटन विभाग की ओर से दोनों झीलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए झीलों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। ताकि सैलानियों की आवाजाही से हरीशताल और लोहाखाम ताल को भी नैनीताल, भीमताल, सातताल और नौकुचियाताल के तहत एक नई पहचान मिल सके।
ट्रैकिंग रूट के साथ होम स्टे से जोड़ेगा विभाग
पर्यटन विभाग हरीशताल और लोहाखाम ताल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए झीलों तक पैदल ट्रैकिंग रूट, झील का सौंदर्यीकरण, बेंच लगाने, साइन बोर्ड लगाने की योजना तैयार कर रहा है। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए होम स्टे योजना का लाभ दिया जाएगा। साथ ही कुमाऊंनी संस्कृति को बढ़ाने के लिए झीलों के किनारे स्थित मकानों को कुमाऊंनी शैली में विकसित किया जाएगा। ताकि सैलानियों को आकर्षित कर हरीशताल और लोहाखाम ताल में पर्यटन को अधिक से अधिक बढ़ाया जा सके।
काठगोदाम और भीमताल होते हुए पहुंच सकेंगे सैलानी
ओखलकांडा के हरीशताल और लोहाखाम ताल तक पहुंचने के लिए सैलानियों को काठगोदाम-हैड़ाखान-पतलोट मार्ग और भीमताल-खुटानी-धानाचूली-ओखलकांडा होते हुए आवाजाही करनी होगी।
लोहाखाम ताल में बैसाखी पूर्णिमा पर लगता है मेला
ओखलकांडा के हरीशताल स्थित लोहाखाम ताल में हर साल बैसाखी पूर्णिमा पर मेला लगता है। दूर दराज से लोग लोहाखाम ताल के पवित्र कुंड में पहुंचकर स्नान करने के साथ रात्रि जागर में प्रतिभाग कर मेले में आयोजित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभाग करते हैं।
ओखलकांडा में स्थित हरीशताल और लोहाखाम ताल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना बना रहे हैं। झील तक पैदल ट्रैकिंग रूट, झील का सौंदर्यीकरण करने के साथ स्थानीय लोगों को होम स्टे योजना से जोड़कर पर्यटन को बढ़ावा देंगे। इसके लिए जल्द सर्वे किया जाएगा।
-अतुल भंडारी, जिला पर्यटन अधिकारी