हल्द्वानी। पर्यटकों और गर्मी की छुट्टी मनाने के लिए आने वालों के कारण हल्द्वानी से लेकर नैनीताल और सलड़ी तक ऐसा जाम लगा कि लोग हांफने लगे। पहली बार शहर के आउटर में जहां से पुलिस ने रूट डायवर्ट किया था, वहां एक-एक किलोमीटर तक वाहनों की लंबी लाइन लग गई। नैनीताल से हल्द्वानी आने-जाने वाली बसें एक घंटे देरी से पहुंची। उधर, अल्मोड़ा-रानीखेत से आने वाली बसें तीन-तीन घंटे देरी से पहुंची। जाम के कारण यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
रविवार को पर्वतीय क्षेत्रों में आने-जाने वालों की संख्या बढ़ गई। एक ओर पर्यटक पर्वतीय क्षेत्र से नीचे उतरकर अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। दूसरी ओर नैनीताल, अल्मोड़ा, कौसानी, मुक्तेश्वर और रानीखेत जाने वाले पर्यटकों के वाहनों की लंबी लाइनें लग गई। पुलिस ने रामपुर रोड पंचायत घर और बरेली रोड तीनपानी से वाहनों को डायवर्ट किया था। इस कारण आउटर में दोनों सड़कों पर एक-एक किलोमीटर लंबी लाइनें लग गई। वहीं काठगोदाम से गौलापार तक भी वाहनों की लाइनें लग गई।
ये ही हाल काठगोदाम से ज्योलीकोट और काठगोदाम से सलड़ी तक रहा। दोनों ओर पांच-पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया। लोगों को तीन-तीन घंटे जाम में फंसना पड़ा। इस दौरान वाहन रेंगते नजर आए।
उधर, नैनीताल से हल्द्वानी और नैनीताल से हल्द्वानी बस डेढ़ घंटे में पहुंच जाती है। जाम के कारण ये बसें 2:30 घंटे में पहुंची। अल्मोड़ा-रानीखेत से बसें तीन-तीन घंटे देरी से हल्द्वानी पहुंची। इस दौरान महिलाओं और छोटे बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
फौज के वाहनों ने बढ़ाई दिक्कत
एक तो जाम से लोग जूझ रहे थे। इसी दौरान फौज के करीब 50 वाहनों का काफिला भी पहुंच गया। इससे और जाम लग गया। लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।