जेलों में कैदियों की संख्या क्षमता से दो से तीन गुना तक होने का मामला एक सामाजिक कार्यकर्ता ने प्रदेश मानवाधिकार आयोग को भेजा है। कार्यकर्ता ने जेल की क्षमता में वृद्धि करने और कैदियों के लिए जेल को फंड देने की मांग उठाई है।
अमर उजाला में 31 जुलाई को प्रकाशित किया गया था कि हल्द्वानी जेल में क्षमता से तीन गुना अधिक कैदी हो गए हैं। इसी प्रकार नैनीताल जेल में भी कैदियों की संख्या दो गुनी हो गई है।
कैदियों के खाने और इलाज के लिए प्रदेश सरकार फंड मुहैया नहीं करा रही है। इस खबर को संज्ञान में लेते हुए शहर के सामाजिक कार्यकर्ता गुरविंदर सिंह चड्ढा ने प्रदेश मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजा है।
आरोप लगाया कि कैदियों को जेल में ठूंस ठूस कर रखना अमानवीय है। क्षमता से तीन गुना कैदी होने पर उनके टॉयलेट, स्नान और सोने में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस मामले में जेल की क्षमता में वृद्धि के साथ सुविधाओं पर ध्यान देने की आवश्यकता है। प्रदेश सरकार को जेल में भोजन, उपचार के लिए पर्याप्त फंड देना चाहिए।
इसके साथ ही कैदियों के मनोरंजन, रोजगार परक कोर्स की भी व्यवस्था होनी चाहिए। अभी तक मानवाधिकार आयोग ने इस मामले में कोई पत्र नहीं भेजा है।