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हल्द्वानी जेल पर चढ़ा 85 लाख का कर्ज 

Sat, 16 Jul 2016 12:06 AM IST
अरविंद उपाध्याय, हल्द्वानी।
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हल्द्वानी जेल आर्थिक तंगी से जूझ रही है। जेल पर खाने और दवा का कर्ज 75 लाख रुपये है। इसके अलावा अन्य मदों में भी दस लाख रुपये की देनदारी है। किसी तरह जुगाड़ से जेल में मैस और अन्य काम किये जा रहे हैं। यदि किसी कैदी को गंभीर बीमारी हो गई तो मजदूरी का पैसा बैंक से आकस्मिक तौर पर निकालना पडे़गा। यह समस्या प्रदेश सरकार से बजट नहीं मिलने के कारण पैदा हुई है। समय पर बजट नहीं मिला तो कैदियों के खाने का संकट हो जाएगा। 
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हल्द्वानी उपकारागार को प्रदेश सरकार से इस साल अब तक बजट नहीं मिला है। जेल अधिकारियों का कहना है कि किसी तरह कैदियों के खाने और दवा का इंतजाम किया जा रहा है। अन्यथा मानवाधिकार के भी सवाल खड़े हो जाएंगे। जेल में सब्जी, राशन तेल, लकड़ी ठेकेदार के माध्यम से आती है। खाने के खाने के मद में ठेकेदार का जेल पर 70 लाख का बकाया हो गया है। यदि बजट शीघ्र पास नहीं हुआ तो ठेकेदार भी सामान मुहैया कराने से हाथ खड़े कर देगा। कैदियों के लिए दवा खरीद का कर्ज भी पांच लाख पहुंच गया है। चार कैदी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। जेल के अफसरों का कहना है कि किसी कैदी की दवा को भी नहीं रोका जा सकता है।

इसी प्रकार साबुन, तेल, फिनाइल और सफाई ,स्टेशनरी के मद में दस लाख की देनदारी है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज आर्या का कहना है कि जेल पर देनदारी काफी है। खाने से लेकर सभी मद में काफी कटौती के साथ खर्च किया जा रहा है। बजट मिलने पर पुरानी देनदारियों का भार उतर जाएगा। इस मामले में कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से जेल को काफी राहत मिल जाती है। बता दें कि ऊधमसिंह नगर में जेल नहीं होने के कारण 250 की क्षमता वाली जेल में 750 बंदी और कैदी हैं। पुलिस की गिरफ्तारी के हिसाब से यह संख्या बढ़ भी जाती है।    
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