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भू आंदोलन की अलख जगाने वाले ज्ञान सिंह गुसाई का निधन

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बिंदुखत्ता (नैनीताल)। दुग्ध संघ के पूर्व चेयरमैन रहे इंदिरानगर गांव निवासी ज्ञान सिंह गुसाईं (71) का शुक्रवार रात निधन हो गया। सेना से रिटायरमेंट के बाद ज्ञान सिंह ने बिंदुखत्ता की बसासत में भी अहम योगदान दिया था। शनिवार को चित्रशिला घाट रानीबाग में उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके निधन से गांव में शोक की लहर है।
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सेना से रिटायरमेंट के बाद 1984 में बिंदुखत्ता आए गुसाईं ने बिंदुखत्ता क्षेत्र में भू आंदोलन की शुरुआत की। उनके नेतृत्व में बिंदुखत्ता का भू आंदोलन एक ऐतिहासिक आंदोलन के रूप में तब्दील हुआ था। शिक्षा स्वास्थ्य सड़क बिजली जैसे मुद्दों को प्राथमिकता से उठाने के बाद उन्होंने क्षेत्र के लोगों के लिए कृषि एवं दुग्ध उत्पादन में बेहतरी के लिए भी काम किया। ज्ञान सिंह गुसाईं बिंदुखत्ता क्षेत्र के पहले व्यक्ति बने, जिन्होंने नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लालकुआं में चेयरमैन के रूप में कार्यभार संभाला। ईमानदार चेयरमैनों में उनकी गिनती आज भी की जाती है। शनिवार को चित्रशिला घाट रानीबाग में पुत्र महेंद्र सिंह गुसाईं ने उन्हें मुखाग्नि दी। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत, पूर्व मंत्री हरीश दुर्गापाल, हरेंद्र बोरा, राजेंद्र खनवाल, संध्या डालाकोटी, कांग्रेस नगर अध्यक्ष सरदार गुरदीप सिंह, बिंदुखत्ता ब्लॉक अध्यक्ष प्रमोद कॉलोनी, गुरदयाल सिंह मेहरा आदि ने उनके निधन पर शोक जताया है।
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