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फैसला: कुमाऊं में 200-240 करोड़ का गुटखा-तंबाकू कारोबार, राज्य सरकार ने एक साल के लिए बिक्री पर लगाया प्रतिबंध

Tue, 13 Oct 2026 11:36 PM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल

सार

प्रदेश सरकार ने गुटखा, पान मसाला और तंबाकू उत्पादों पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। इससे कुमाऊं में 200-240 करोड़ रुपये का कारोबार और सरकार का राजस्व प्रभावित होगा, लेकिन जनस्वास्थ्य के लिहाज से यह फैसला उत्तम है।
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तंबाकू - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश सरकार ने राज्य में गुटखा, पान मसाला और तंबाकू-निकोटिन युक्त अन्य उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, बिक्री और वितरण पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। यदि इस आदेश का सख्ती से पालन होता है तो कुमांऊ मंडल में लगभग 200-240 करोड़ रुपये का सालाना कारोबार प्रभावित हो जाएगा और इससे सरकार को लाखों रुपये सालाना राजस्व का नुकसान भी उठाना पड़ेगा। हालांकि यह फैसला जनस्वास्थ्य के लिहाज से उत्तम है।

जीएसटी विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, ऊधमसिंह नगर जिले को छोड़कर कुमाऊं के अन्य जिलों में तंबाकू उत्पादों का 200-240 करोड़ का कारोबार होता है। इसमें नैनीताल जिले का हिस्सा 73 करोड़ है। इसके अलावा भी टैक्स चोरी कर भारी मात्रा में तंबाकू उत्पादों की अवैध रूप से बिक्री होती है। ऐसे में अकेले नैनीताल जिले में यह कारोबार बढ़कर 100-120 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है। कारोबारियों के मुताबिक जिले में 8 से 10 हजार ऐसी छोटी-बड़ी दुकानें हैं जहां तम्बाकू उत्पाद आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। पान की दुकानों में अधिकतर गुटखा, पान मसाला और सिगरेट की बिक्री होती है। एक पान की दुकान की औसत बिक्री में से लगभग 50 फीसदी हिस्सा तंबाकू उत्पादों का ही होता है। ऐसे में यदि निकोटिन युक्त तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित हो जाएगी तो इससे बाजार से लेकर सरकार को मिलने वाले राजस्व तक पर असर पड़ेगा।

 

पान मसाला और तंबाकू की अलग-अलग होती है बिक्री

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कुछ साल पहले तक राज्य में गुटखा (पान मसाला और तंबाकू का मिश्रण) खूब बिकता था लेकिन बाद में सरकार ने इसकी बिक्री पर सख्ती के साथ प्रतिबंध लगा दिया। जिस पर गुटखा बनाने वाली कंपनियों ने पान मसाला और तंबाकू के अलग-अलग पैकेट बाजार में उतार दिए। अब ग्राहक दोनों पैकेट अलग-अलग खरीदते हैं और खुद दोनों को मिक्स कर उसका सेवन करते हैं।

कुमाऊं मंडल (रुद्रपुर को छोड़कर) पान मसाला समेत अन्य तंबाकू उत्पादों की सालाना बिक्री 200-240 करोड़ रुपये तक है। अकेले नैनीताल जिले में साल में 73 करोड़ का कारोबार होता है। पान मसाले और तंबाकू की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने संबंधी आदेश की प्रति अभी नहीं मिली है। मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। -हेमा बिष्ट, संयुक्त कार्यपालक जीएसटी विभाग

ऐसा कोई आदेश अभी हमें नहीं मिला है। पान मसाला खाद्य पदार्थ की श्रेणी में आता है लिहाजा विभाग उसकी सैंपलिंग करता है जबकि तंबाकू खाद्य पदार्थ की श्रेणी में नहीं आता है। शिकायत मिलने पर पान मसाले के सैंपल लिए जाते रहे हैं। यदि पान मसाले की बिक्री प्रतिबंधित की गई होगी तो उसका पालन कराया जाएगा।

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-अजब सिंह रावत, सहायक आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन कुमाऊं

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