नए शिक्षा सत्र से मॉडल स्कूलों में स्मार्ट कक्षा-कक्षों का संचालन होगा। शिक्षा विभाग इनमें बच्चों को कौशल विकास एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराने में दिन-रात जुटा है। वहीं मॉडल स्कूलों में अच्छा कार्य न करने वाले शिक्षकों पर भी विभाग कड़ा शिकंजा कसेगा। इसलिए विभाग ने चयनित स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मियों को ट्रेनिंग देने की योजना बनाई है।
प्रदेश में अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू होगा। मंडल में 82 माध्यमिक, 123 प्राइमरी, जूनियर हाईस्कूल मॉडल स्कूल बनाए गए हैं। इन दिनों इनमें ऑफ व्हाइट रंग की पुताई के साथ नीले एवं नारंगी पट्टी के रूप में सुंदरीकरण कराया जा रहा है। विभाग इन स्कूलों में अर्ह शिक्षकों को स्क्रीनिंग के माध्यम से ही पद स्थापित करने की योजना बना रहा है।
शिक्षकों के उपलब्ध न होने पर उनके स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था शासन के निर्देशानुसार की जानी है। चयनित स्कूलों में शिक्षकों को अभिमुखीकरण प्रशिक्षण के माध्यम से हर वर्ष कार्यों के आधार पर उनका मूल्यांकन भी किया जाना है। जिन शिक्षकों का प्रदर्शन ठीक नहीं होगा, उन्हें हटाने की व्यवस्था भी गयी है ताकि मॉडल स्कूलों में बच्चों की शिक्षण व्यवस्था में कोई कसर न रहे।
मॉडल स्कूलों में कॅरिअर काउंसलिंग की जाएगी। इसके माध्यम से छात्रों को फ्रोफाइल बनाते समय उनकी अभिरुचि के मुताबिक कॅरिअर चुनने में स्कूल मदद करेगा। विशेषकर 11वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र, छात्राओं के लिए विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार/ उच्च शिक्षा हेतु कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी ताकि छात्र-छात्राओं को रोजगार मिल सके। विभिन्न उच्च सेवाओं, इंजीनियरिंग, मेडिकल, एनडीए आदि में सफल होने पर छात्रों के नाम विद्यालय पट्टिका में अंकित करने का प्रावधान रखा गया है।
- चयनित मॉडल स्कूलों के सुंदरीकरण का कार्य प्रगति पर है। कार्यों की समीक्षा के लिए मंडलभर के सीईओ को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। यह सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसमें कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नए शिक्षा सत्र से जहां मॉडल स्कूल विशेष कलेवर में नजर आएंगे, वहीं शिक्षण व्यवस्था मेें भी सुधार आएगा।
- सुषमा सिंह, अपर शिक्षा निदेशक, माध्यमिक शिक्षा कुमाऊं मंडल, नैनीताल।