हल्द्वानी। रविवार को जनता अपने घरों पर रही मगर सरकारी से लेकर निजी अस्पताल तक डाक्टर मुस्तैदी के साथ अस्पतालों में तैनात रहे। सोबन सिंह जीना बेस और सुशीला तिवारी अस्पताल की इमरजेंसी में डाक्टर और नर्स ड्यूटी पर तैनात थे। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को परीक्षण कर परामर्श दिया गया। मरीजों को परीक्षण कर उनको भर्ती भी किया गया। दोनों की सरकारी चिकित्सालय में वरिष्ठ डाक्टर भी राउंड लेते रहे।
साथ ही निर्देश दिए कि किसी भी मरीज को लौटाया न जाए। दूसरी ओर निजी अस्पताल में भी डाक्टर मुस्तैदी के साथ डटे रहे और मरीज को इलाज मुहैया कराया। निजी प्रैक्टिस करने वाले डाक्टरों ने भी अवकाश होने के बाद भी क्लीनिक पर बैठकर मरीज देखे।
आईएमए ने दी आठ एंबुलेंस
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कोरोना से निपटने के लिए प्रशासन को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। आईएमए हल्द्वानी के सचिव डॉ. पुनीत अग्रवाल ने बताया कि जनता कर्फ्यू के लिए नैनीताल रोड पर एक एंबुलेंस तैनात की गई थी। प्रशासन को आठ एंबुलेंस दे रखी है। रोस्टर के अनुसार एक दिन में एक एंबुलेंस भेजी जाएगी। स्थिति ज्यादा खराब होने पर प्रशासन को एक साथ दस एंबुलेंस मुहैया कराई जाएगी। साथ ही निजी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड तैयार किए गए हैं।
कोरोना संदिग्ध मरीजों के हर समस्या का हो रहा समाधान
एसटीएच में डाक्टरों की टीम पूरी शिद्दत के साथ कोरोना संदिग्धों का इलाज करने में जुटी है। कोरोना संदिग्ध इलाज में लगी डाक्टरों और नर्सों की टीम से जांच रिपोर्ट, अपने स्वास्थ्य की स्थिति, परहेज और खानपान से लेकर अन्य सवाल पूछे रहे हैं।
सुशीला तिवारी अस्पताल में मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह को कोरोना का नोडल अधिकारी बनाया गया है। डॉ. सिंह ने बताया कि मरीज अपनी रिपोर्ट, स्वास्थ्य की हालत, परहेज और खानपान के बारे में पूछता है।
साथ ही अपने परजिनों के बारे में भी जानकारी लेता है। मरीज को आइसोलेशन में और क्वारंटीन के दौरान खाना भी खिलाया जाता है। डाक्टर समेत दस लोगों की टीम काम कर रही है। इसमें पीडियाट्रिक्स विभाग के अलावा जूनियर डाक्टर्स, नर्स, वार्ड आया और वार्ड ब्वाय शामिल हैं। 15 लोगों की टीम रिजर्व में बैकअप के तौर पर रखी गई है।