भारत में कृषि के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र में तरक्की के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग करने की जरूरत है। यह बात पंतनगर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जे कुमार ने कही।
प्रो. कुमार सोमवार को बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड साइंसेज में इंजीनियरिंग और सामाजिक विज्ञान विषयक तीन दिनी अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के शुभारंभ के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने उम्मीद जताई कि उक्त सेमीनार इंजीनियरिंग और सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण साबित होगा।
बिड़ला संस्थान भीमताल, मराठवाड़ा मैथमेटिकल सोसायटी ओरंगाबाद और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग केंद्र सरकार की ओर से आयोजित संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए बिड़ला संस्थान के निदेशक प्रो. बीएस बिष्ट ने कहा कि सेमीनार का मुख्य उद्देश्य आज के परिवेश में विज्ञान एवं इंजीनियरिंग ने जो प्रगति की है उससे समाज को अवगत कराना है।
उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग और सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में नई प्रौद्योगिकी से जो उपलब्धियां मानव समाज ने प्राप्त की हैं और भविष्य में करेगा, उन विषयों पर भी चर्चा की जाएगी। रुड़की विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और बिड़ला संस्थान के पूर्व निदेशक प्रो. पीके पांडे ने भी संबोधित किया।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि, अध्यक्ष सहित एमएनएनआईटी इलाहाबाद के गणित विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. पंकज श्रीवास्तव, एफएआई मुदरई कामराज विश्वविद्यालय के प्रो. एल थीवागर, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के डॉ. एके सिंह, साईफैट के पूर्व संकायाध्यक्ष प्रो. पीके श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया।
सेमिनार में देश-विदेश के 70 वैज्ञानिक हिस्सा ले रहे हैं। इस अवसर पर समन्वयक डॉ. हेम पांडे, डॉ. नीरज पांडे, डॉ. नीरज बिष्ट, डॉ. शिल्पी बिष्ट आदि थे।