फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

काठगोदाम में गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे

Tue, 13 Jun 2017 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
कैलाश मानसरोवर यात्रियों का पहला दल - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
कैलाश मानसरोवर यात्रियों के पहले दल के यहां पहुंचने के साथ ही इस साल की यात्रा का शुभारंभ हो गया है। काठगोदाम में कुमाऊं मंडल विकास निगम के पर्यटक आवास गृह में पहुंचे यात्री दल का पारंपरिक स्वागत किया गया।
विज्ञापन


कुमाऊंनी वेशभूषा रंगोली पिछौड़ा पहनी केमवीएन की महिला अधिकारी करुणा अधिकारी और स्थानीय बालिकाओं ने तिलक लगाकर उनकी अगवानी की। पहले यात्री दल में 16 महिलाओं समेत 55 यात्री शामिल हैं। दोपहर भोजन के बाद यात्री दल अल्मोड़ा के लिए रवाना हो गया जो देर शाम अल्मोड़ा पहुंच गया।

कैलाश मानसरोवर यात्रियों में यात्रा को लेकर गजब का उत्साह देखा गया। केएमवीएन पर्यटक आवास गृह में हुए स्वागत कार्यक्रम में यात्रियों ने कहा कई वर्षों तक आवेदन करने के बाद इस बार मौका मिला है।
विज्ञापन


स्वागत कार्यक्रम में पहुंचे मेयर डॉ. जोगेंद्र पाल सिंह रौतेला ने कहा कि यात्रियों को यहां की संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य, रहन-सहन खानपान की भी जानकारी मिलेगी। केएमवीएन के प्रबंध निदेशक धीराज गर्ब्याल ने कहा कि अब कैलाश यात्रा मार्ग में यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

निगम यात्रियों के होम स्टे पर भी काम कर रहा है ताकि उन्हें स्थानीय लोगों के बीच रहकर यहां की भाषा, संस्कृति, परंपरा की जानकारी मिल सके। कार्यक्रम का संचालन मंडलीय प्रबंधक (साहसिक पर्यटन) डीके शर्मा ने किया। यात्रा दल के जनसंपर्क अधिकारी चंद्रमौलि कुमार टी शर्मा हैं।

टीआरसी के प्रबंधक आरसी पांडे, साहसिक पर्यटन प्रबंधक गिरधर मनराल, रोडवेज के कमल पपनै, अनीस अहमद, शेरी राम, गोकुल, सुंदर, प्रेम प्रकाश, मोहन चंद्र तिवारी, विनोद रावत आदि ने भी दल का स्वागत किया।

आजाद सबसे बुजुर्ग और भाष्कर सबसे युवा यात्री 

पहले दल में सबसे अधिक उम्र के यात्री हरियाणा के 67 वर्षीय आजाद सिंह ओहल हैं। सबसे कम उम्र के यात्री राजस्थान के 18 साल के भाष्कर शर्मा हैं। दल में सबसे अधिक 11 यात्री दिल्ली के हैं।

महाराष्ट्र के 11, गुजरात के आठ, हरियाणा के सात, मध्यप्रदेश के पांच, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक के तीन-तीन, उत्तराखंड और हिमाचल के 2-2, असोम, गोवा, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, तेलंगाना के 1-1 यात्री
शामिल हैं। यात्री दल के गाइड केएमवीएन के भुवन कांडपाल हैं। 


छोलिया की धुन पर थिरके यात्री

कैलाश यात्रियों के काठगोदाम स्थित रोडवेज स्टेशन पहुंचने पर छोलिया नर्तकों ने स्वागत किया। छोलिया की धुन पर यात्री रोडवेज डिपो परिसर में ही थिरकने लगे। भोले का जयकारा लगाते हुए महिला और पुरुष यात्री काफी देर तक नृत्य करते रहे।

छोलिया नर्तक दल कैलाश यात्रियों के स्वागत किए बुलाया गया था। टीआरसी काठगोदाम में यात्रियों के स्वागत में स्थानीय बालिकाओं ने भोले के भजन पेश किए। 

गुजरात के राडिया 21 वीं बार कर रहे हैं यात्रा

गुजरात के अशोक आर राडिया लगातार 21 वर्षों से कैलाश मानसरोवर की यात्रा कर रहे हैं। सबसे अधिक बार यात्रा करने पर स्वागत समारोह में कुमाऊं मंडल विकास निगम की ओर से उन्हें सम्मानित किया गया। राडिया ने बताया कि वह 1997 से लगातार कैलाश यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मानसरोवर में भोले के साक्षात दर्शन होते हैं।

तीसरी बार यात्रा कर रहीं मंजुला कैलाशी 

हिमाचल की मंजुला कैलाशी तीसरी बार कैलाश मानसरोवर की यात्रा कर रही हैं। उन्होंने बताया कि तीन कैलाश हिमाचल में हैं। वहां की यात्रा वह कई बार कर चुकी हैं। सभी कैलाश के धामों की यात्रा करने का उनका ध्येय है। 

शिवधाम में मिलता है मोक्ष 

हिमाचल के ही जसवंत कैलाश चौथी बार यात्रा पर जा रहे हैं। उनका कहना है कि शिव धाम में व्यक्ति को मोक्ष मिलता है। वहां भगवान के साक्षात दर्शन होते हैं। उनका मन है कि वह बार-बार कैलाश यात्रा करें। इससे पहले भी वह दो बार नेपाल के रास्ते यात्रा कर चुके हैं।

 कैलाश मानसरोवर में मन को शांति मिलती है

दिल्ली की बीना त्यागी दो बार नेपाल के रास्ते यात्रा कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि भगवान का आदेश होता है, इसीलिए वह बार-बार यात्रा करना चाहती हैं। कैलाश मानसरोवर में मन को शांति मिलती है। भोले सभी के पिता हैं और वह अपने धाम में बुला रहे हैं।

हिमाचल के शिवधाम से मिली कैलाश यात्रा की प्रेरणा

हिमाचल के कैलाश शर्मा ने कहा कि हिमाचल के तीन कैलाश के दर्शन उन्होंने किए हैं। इसी यात्रा के दौरान उन्हें कैलाश मानसरोवर यात्रा करने की प्रेरणा मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें