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ग्रेव यार्ड टूरिज्म को बढ़ावा देने की तैयारी

Mon, 11 Jan 2016 12:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
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नैनीताल में कई ऐतिहासिक इमारत, गिरजाघर आदि हैं। जिनको देखने और जानने को बड़ी संख्या में लोग आते हैं। अब प्रशासन विभिन्न जगहों पर ऐतिहासिक ग्रेव यार्ड हैं, उनको भी टूरिज्म से जोड़ने की योजना पर विचार कर रहा है। नैनीताल क्षेत्र में सूखाताल, पाइंस और बारापत्थर (बॉटनिकल गार्डन के पास) ब्रिटिशकाल के कब्रिस्तान हैं। इसमें सूखाताल में स्थित सेंट जोंस द विल्डरनेस ग्रेव यार्ड है।
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कुमाऊं विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. अजय रावत कहते हैं कि यहां कई महत्वपूर्ण लोगों की कब्र है। इसमें जिम कार्बेट के माता, पिता को यहीं पर दफनाया गया है। इसके अलावा हंगरी की प्रसिद्ध चित्रकार एलिजाबेथ सास ब्रूयनर और उनकी बेटी एलिजाबेथ ब्रयूनर की कब्र है। यह दोनों लोगों आजादी के आंदोलन से जुडे़ थे, जिसके कारण उनको नैनीताल में स्थित उनके घर में नजरबंद तक किया गया।

महात्मा गांधी के पहले चित्र (पोट्रेट) को एलिजाबेथ ब्रूयनर ने तैयार किया था। 1935 तक नैनीताल में पोलो गेम होता था। पर एक दुर्घटना में कैप्टन कुक की मौत हो गई जिसके बाद यह गेम बंद कर दिया गया। इनको पाइंस में दफनाया गया था। प्रशासन अगर टूरिज्म को बढ़ावा देना है, तो वह इन जगहों की बेहतर देखभाल करने के साथ इन लोगों से जुड़े इतिहास आदि को भी प्रदर्शित करे।
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डीएम दीपक रावत कहते हैं कि इस दिशा (टूरिज्म को बढ़ावा) में गंभीरता से विचार किया जा रहा है। निजी स्तर पर भी मैने जानकारी जुटाई है। इससे लोगों को नैनीताल की खूबसूरती के अलावा इतिहास से भी जुड़ने का मौका मिलेगा। नैनीताल में एशिया का पहला मैथोडिस्ट चर्च, सेंट जांस द विल्डरनेस चर्च आदि महत्वपूर्ण इमारत हैं।

 प्रो. रावत कहते हैं कि इसके अलावा पहले हिंन्दुस्तान औरउत्तराखंड से नोबल पुरस्कार प्राप्त करने वाले रोनाल्ड रास, मेजर जनरल पर्सी होबार्ट, नैनीताल में नगरीकरण की शुरुआत करने वाले कमिश्नर मिशिगटन आदि लोग रहे हैं। इनसे जुड़ा इतिहास और जानकारी भी ज्यादा से ज्यादा तक लोगों तक पहुंचे, इसकी व्यवस्था करनी चाहिए।
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