हल्द्वानी। प्रदेश के सरकारी स्कूलों की पहचान के लिए वर्ष 2021 में शिक्षा विभाग ने विद्यालय कलर कोड निर्धारित किया था लेकिन कई विद्यालय इस व्यवस्था का पालन नहीं कर रहे हैं। कई विद्यालयों में वर्षों से रंगरोगन नहीं किया गया है।
समग्र शिक्षा के तहत हर वर्ष विद्यालय सौंदर्यीकरण और विद्यालयों के रखरखाव के लिए अनुदान और साज-सज्जा आदि के लिए यूथ एंड इको क्लब के माध्यम से धनराशि जारी की जाती है। यह धनराशि 10,000 रुपये न्यूनतम से एक लाख रुपये अधिकतम होती है। राज्य परियोजना निदेशक बंशीधर तिवारी ने आदेश जारी करते हुए इस धनराशि से विद्यालयों में कलर कोड के अनुसार रंगरोगन और मूलभूत सुविधाएं जुटाने के निर्देश दिए हैं।
विद्यालयों के लिए निर्धारित कलर कोड
शिक्षा विभाग की ओर से निर्धारित कलर कोड के अनुसार सभी विद्यालयों की बाहरी दीवारों (वॉल पेंटिंग वाले स्थान को छोड़कर) पर ऑफ व्हाइट रंग, बाहरी दीवारों के मध्य चारों ओर छह इंच की मोटी पट्टी पर चारकोल ग्रे और कक्षा-कक्षों के अंदर सफेद और किचन के अंदर ऑयल पेंट किया जाएगा। प्राथमिक और उत्तर प्राथमिक विद्यालयों के दरवाजों और खिड़कियों पर स्मोक ग्रे, उत्तर माध्यमिक और इंटर कॉलेजों के दरवाजों और खिड़कियों में फेरोज एक्वालाइट रंग का प्रयोग किया जाएगा।