हल्द्वानी। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि कोविड काल में अनाथ हुए बच्चों के लिए वात्सल्य योजना लागू कर सरकार उन्हें सहारा दे रही है। भले ही उनके परिजनों की किसी भी बीमारी से मौत क्यों न हुई हो। ऐसे बच्चों को 21 साल तक तीन हजार रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। सरकार उन्हें उच्चशिक्षा भी देगी। बालिग होने तक उनकी जमीन को कोई खुर्द बुर्द नहीं कर सके, इसकी जिम्मेदारी डीएम की होगी। इसके बाद उनके नाम जमीन कर दी जाएगी। नौकरी में भी ऐसे बच्चों को आरक्षण दिया जाएगा।
विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करने हल्द्वानी पहुंचे मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कोविड काल में जान गंवाने वाले 18 पत्रकारों को 90 लाख रुपये पत्रकार कल्याण कोष से दिए गए। जिन परिवारों में कमाने वाले पत्रकारों की जान गई है, उनके आश्रितों को उपनल या आउटसोर्सिंग के जरिए सरकारी नौकरी दी जाएगी। सीएम के अनुसार पूरे प्रदेश में विकास कार्यों को तेजी से पूरा कराया जा रहा है। कोविड काल में जितनी तेजी से सरकार ने काम किया है वह पूरे प्रदेश में उदाहरण बना हुआ है।