धनतेरस और दीपावली सिर्फ खरीदारी का मौसम नहीं बल्कि निवेशकों के लिए भी सुनहरा अवसर लेकर आते हैं। पिछले सात वर्षों में न केवल सोने के भाव ने रिकॉर्ड तोड़े हैं बल्कि जमीन के सर्किल रेट और सेंसेक्स ने भी तेजी से ऊंचाइयां छुई हैं। सोने की कीमत का 37 हजार से बढ़कर 1.23 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम होना, नैनीताल रोड की जमीन के सर्किल रेट में 22 हजार से एक लाख रुपये तक की बढ़त और सेंसेक्स का लगातार उछाल...ये तीनों निवेश विकल्प इस अवधि में निवेशकों की किस्मत बदलते रहे। आइए, जानते हैं सात साल में सोना, सेंसेक्स और सर्किल रेट की पूरी कहानी।
सोना: 37500 से 1.23 रुपये प्रति 10 ग्राम
सर्किल रेट: 22 हजार से एक लाख प्रति वर्ग मीटर
जमीन के सर्किल रेट में 2018 की तुलना में 53 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की बढ़त दर्ज की गई है। वर्ष 2018 में सरकार ने नैनीताल रोड में जमीन के सर्किल रेट 22000 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय किए थे। वर्ष 2020 में यह बढ़कर 40000 रुपये जा पहुंचे। जमीन की कीमतों में कभी भी कमी नहीं आई है। जैसे-जैसे लोगों की मांग और आर्थिक स्थितियों में सुधार होता गया जमीन की कीमतें आसमान छूती गई। वर्ष 2023 में नैनीताल रोड में जमीन का सर्किल रेट 50000 रुपये प्रति वर्ग मीटर पहुंचा जो अब बढ़कर 75 हजार रुपये से से एक लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर पहुंच गया है।
सेंसेक्स: सात साल में दो गुना वृद्धि
सोना महंगा जरूर है लेकिन भावनात्मक रिश्तों से जुड़ा है और महंगा होने के बाद भी लोग इसे खरीद रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से भी भविष्य के लिए लोग इसे रखना पसंद करते हैं। समान्यत: डिमांड 35 से 40 फीसदी घटी है लेकिन लोग दूसरी जगह छोड़कर सोने पर अधिक निवेश कर रहे हैं तो ओवरआल यह नकारात्मक नहीं है। जमीन के मामले में भी रजिस्ट्रार कार्यालय में आंकड़े देखें तो बिक्री और खरीद फिर भी बढ़ी है। - राजेश अग्रवाल, सराफा कारोबारी।
जमीन और सोना उपभोग की वस्तु है। प्राइवेट नौकरी करने वाले या मध्यम वर्ग के लिए जमीन पर निवेश करना या सोना खरीदना भारी पड़ रहा है। वहीं सेंसेक्स की बात करें तो यह पर्चेजिंग बढ़ने की ताकत को दिखाता है। जब देश खुशहाल होता है तो तब सेंसेक्स भी बढ़ता है। - पंकज गुप्ता, शेयर बाजार विशेषज्ञ।