हल्द्वानी। शहर में खुले में बिक रहे फास्ट फूड की गुणवत्ता पर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि अधिकतर ठेलों में बिक रहे खाद्य पदार्थों में सफाई और गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जाता है। कहा कि विभाग भी इन दुकानदारों पर कार्रवाई नहीं करता है।
बरसात के मौसम में पेट संबंधी रोगों के मामले बढ़ जाते हैं। खासकर बासी खाद्य पदार्थों खाने से यह दिक्कत ज्यादा होती है। शहर में अलग-अलग स्थानों पर फास्टफूड के सैकड़ों ठेले लगते हैं। इनमें अधिकतर ठेलों पर खाद्य विभागों के नियमों का पालन नहीं होने की शिकायतें आ रही हैं। लोगों के मुताबिक इन ठेलों में खाद्य पदार्थों को न ही ढका जाता है न ही इनके पास ऐसे उपकरण होते हैं जिनसे उन्हें खराब होने से बचाया जा सके। इनके सेवन से कई बार लोगों को फूड प्वाइजनिंग की शिकायत आती है। गौरव जोशी, उमेश बिनवाल, कमल, नीरज के अनुसार जिम्मेदार विभाग को समय-समय पर ठेलों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की जांच करनी चाहिए। सैंपल लेने के साथ ही कमी मिलने पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए जिससे लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो। शनिवार को एक छात्रा की मौत के मामले में परिजनों का आरोप था कि फास्ट फूड खाने से उसकी तबीयत बिगड़ी थी। रविवार तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आने से इस आरोप की पुष्टि नहीं हो सकी है। सहायक खाद्य सुरक्षा आयुक्त एएस रावत ने बताया कि विभाग समय-समय पर खाद्य सुरक्षा को लेकर सैंपलिंग करता है। यदि किसी की शिकायत प्राप्त होती है तो भी नमूने लिए जाते हैं। शहर से पूर्व में लिए गए खाद्य पदार्थों के कई सैंपलों की रिपोर्ट आनी बाकी है। रिपोर्ट मिलने के बाद गड़बड़ी मिलने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।