हल्द्वानी। अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के लिए एमबीबीएस की 50 सीटों पर मिल रही मान्यता को फिलहाल प्राचार्य ने लेने से मना कर दिया है। मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया को मेडिकल कॉलेज का दोबारा निरीक्षण करने के लिए लिखा गया है।
एमसीआई ने एमबीबीएस की मान्यता के लिए 30 अक्तूबर 2018 को पहला निरीक्षण किया था। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर पूरा नहीं हुआ था। इस पर फरवरी में एमसीआई ने मान्यता देने से इनकार कर दिया। तीन मई को चिकित्सा-शिक्षा निदेशक के कहने पर दोबारा निरीक्षण किया गया, इसमें भी मान्यता देने से इनकार कर दिया। 17 जून को प्राचार्य डॉ. आरजी नौटियाल एमसीआई से मिले और अंडर टेकिंग देने की बात कही, मगर एमसीआई ने अंडर टेकिंग लेने से मना कर दिया। 21 जून को चिकित्सा-शिक्षा सचिव नितेश झा ने अंडर टेकिंग दी कि अगस्त तक सारी व्यवस्थाएं हो जाएंगी। इस पर एमसीआई 50 सीटों पर मान्यता देने के लिए तैयार हो गई। एमसीआई की ओर से लेटर ऑफ परमीशन भेजा गया, लेकिन प्राचार्य डॉ. नौटियाल ने 50 सीटों के लिए मान्यता लेने से इनकार कर दिया। बताया कि एक बार 50 सीट की मान्यता लेने पर पांच वर्षों तक सीटें नहीं बढ़ती, जबकि मेडिकल कॉलेज सौ सीटों की लिए मान्यता के चक्कर में है। डॉ. नौटियाल ने बताया कि 50 सीटों के हिसाब से 250 सीटों का नुकसान होगा। बताया कि एमबीबीएस प्रथम वर्ष के लिए 60 डॉक्टरों की जरूरत है, जबकि अभी महज 19 मिले हैं। बताया कि अगस्त तक सारी व्यवस्थाएं हो जाएंगी।
अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के लिए 50 सीटों की मान्यता ठुकराई
एमसीआई ने अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज का दो बार निरीक्षण किया था, नहीं दी थी मान्यता
सचिव चिकित्सा-शिक्षा गए थे एमसीआई के समक्ष, 60 डॉक्टरों की जरूरत 19 ही अब तक मिले हैं